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Banda News: एंबुलेंस में प्रसव, अस्पताल से रेफर, फिर रास्ते में मौत

Wed, 14 Feb 2024 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 14 Feb 2024 12:37 AM IST
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Delivery in ambulance, referral from hospital, then death on the way.
बांदा। एक एंबुलेंस में प्रसव के बाद प्रसूता की दूसरी एंबुलेंस में मौत हो गई। हैरत की बात तो यह है कि एंबुलेंस कर्मियों को भी प्रसूता की मौत का पता तब चला, जब वे उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। अब जिम्मेदार मामले की जांच कराने की बात कहकर एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। फिलहाल महिला का बच्चा मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती है।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के बाघा गांव निवासी संगीता (35) को प्रसव पीड़ा होने पर उसके परिजन उसे सोमवार की शाम करीब 6 बजे एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल लेकर आ रहे थे। रास्ते में खुरहंड के पास संगीता की प्रसव पीड़ा बढ़ी तो मौजूदा स्टाफ ने गाड़ी रोककर वहीं पर उसका प्रसव करा दिया। संगीता ने एक पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस जच्चा बच्चा को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंची। पति रामइच्छा ने बताया कि उसने संगीता को जिला महिला अस्पताल में दिखाया तो वहां उसकी हालत गंभीर बताई गई।
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अस्पताल की डॉक्टर ने पत्नी को तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद रात 8 बजकर 50 मिनट पर दूसरी एंबुलेंस से संगीता को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। करीब 9 बजकर 12 मिनट पर जब एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज पहुंची तो वहां के डॉक्टरों ने संगीता को मृत घोषित कर दिया। उधर, बच्चे को आईसीयू में भर्ती किया गया है।
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पति ने बताया कि उसका यह चौथा बच्चा था। वह गुड़गांव में मजदूरी करता है। पहली फरवरी को गांव आया था। इस संदर्भ में एंबुलेंस के प्रोगाम मैनेजर शिवम का कहना है कि उनकी एंबुलेंस में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं हुई है। मरीज के साथ परिजनों की संख्या अधिक हो गई थी। इस कारण भी स्टाफ को 20-22 मिनट के अंतराल में कुछ पता नहीं चल सका।

महिला गंभीर हालत में लाई गई थी- सीएमएस
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ सुनीता सिंह का कहना है कि वे सोमवार को अवकाश पर थीं, लेकिन जरूर पता चला कि जब मरीज को यहां लाया गया तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। इस कारण उसे दूसरी एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। एंबुलेंस में क्या कमी अथवा लापरवाही थी। इस बारे में सीएमओ ही कुछ बता सकते हैं।


- कहीं प्रसव कराने में तो नहीं हुई लापरवाही
संगीता के परिजनों की माने तो उसका समय पूरा हो गया था, जिस कारण उसे प्रसव पीड़ा हुई थी। यदि कोई दिक्कत होती तो वे लोग पहले से ही उसे महिला अस्पताल ले जाते। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि प्रसव कराते वक्त कुछ न कुछ लापरवाही जरूर हुई होगी, जिससे महिला अस्पताल तक पहुंचते पहुंचते संगीता की हालत गंभीर हो गई।


- इनाम का लालच तो नहीं बना जानलेवा
हाल ही में स्वास्थ्य महकमे ने एंबुलेंस में प्रसव कराने पर पुरस्कार देने की योजना चलाई थी। इसके बाद कई एंबुलेंस स्टाफ ने गाड़ी में ही प्रसव कराकर पुरस्कार भी पाया था। आशंका जताई जा रही है कि बिसंडा से जिला महिला अस्पताल लेकर जाने वाली एंबुलेंस स्टाफ ने भी कहीं पुरस्कार के चक्कर में तो प्रसव कराने का फैसला नहीं किया था।
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