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दीपावली आज, खरीदारी को उमड़ी भीड़
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दीपकों के लिए बाजार में सरसों के तेल के खरीद की रही होड़।
- फोटो : BANDA
बांदा। धनतेरस के दूसरे दिन शुक्रवार को भी बाजार गुलजार रहे। चांदी के गणेश-लक्ष्मी की खूब बिक्री हुई। बर्तन बाजार में भी चहल-पहल रही। लोगों ने दीपावली की खरीदारी की। गणेश-लक्ष्मी, मिट्टी के दीये, देसी झालरों, लाई-गट्टों, रंगोली समेत तमाम जरूरी सामानों की खूब बिक्री हुई।
शनिवार को मनाई जा रही दीपावली की खरीदारी के लिए सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल रही। बाजार में मिट्टी के दीयों की अलग-अलग किस्में मौजूद रहीं। साधारण मिट्टी के दीये 10 रुपये से 20 रुपये दर्जन के हिसाब से बिके। डिजाइनदार मिट्टी के दीये 10 रुपये के तीन बिके।
चाइनीज झालरों की अपेक्षा इस बार देसी झालरें बिकीं। इनकी कीमत 30 रुपये से 250 रुपये तक रही। मिट्टी के गणेश-लक्ष्मी की कीमत 25 रुपये से 250 रुपये तक रही। चांदी के गणेश-लक्ष्मी की कीमत वजन के हिसाब से थी।
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लाई 40 रुपये किलो, लावा 100 रुपये किलो और गट्टे की कीमत 80 रुपये किलो रही। रंगोली सामान की भी धूम रही। रंगोली सजाने के लिए रंगों की कीमत 10 रुपये पैकेट से 50 रुपये पैकेट की रही। फुटकर व्यवसाय खासा चढ़ा रहा। फुटकर व्यवसाय जिले में लगभग चार करोड़ का रहा।
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शनिवार को मनाई जा रही दीपावली की खरीदारी के लिए सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल रही। बाजार में मिट्टी के दीयों की अलग-अलग किस्में मौजूद रहीं। साधारण मिट्टी के दीये 10 रुपये से 20 रुपये दर्जन के हिसाब से बिके। डिजाइनदार मिट्टी के दीये 10 रुपये के तीन बिके।
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चाइनीज झालरों की अपेक्षा इस बार देसी झालरें बिकीं। इनकी कीमत 30 रुपये से 250 रुपये तक रही। मिट्टी के गणेश-लक्ष्मी की कीमत 25 रुपये से 250 रुपये तक रही। चांदी के गणेश-लक्ष्मी की कीमत वजन के हिसाब से थी।
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लाई 40 रुपये किलो, लावा 100 रुपये किलो और गट्टे की कीमत 80 रुपये किलो रही। रंगोली सामान की भी धूम रही। रंगोली सजाने के लिए रंगों की कीमत 10 रुपये पैकेट से 50 रुपये पैकेट की रही। फुटकर व्यवसाय खासा चढ़ा रहा। फुटकर व्यवसाय जिले में लगभग चार करोड़ का रहा।