{"_id":"613507088ebc3eb502028509","slug":"decrease-recovery-percentage-of-rice-millers-banda-news-knp6503727149","type":"story","status":"publish","title_hn":"राइस मिलर्स की रिकवरी प्रतिशत घटाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राइस मिलर्स की रिकवरी प्रतिशत घटाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतर्रा। राइस मिलर्स ने धान क्रय नीति में सीएमआर के रिकवरी प्रतिशत को घटाने की मांग लेकर प्रमुख सचिव (खाद एवं रसद विभाग) को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
राइस मिलर्स एसोसिएशन मंडल अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने बताया कि सरकारी नीतियों की उपेक्षा के कारण मिलर्स आर्थिक बदहाली से जूझ रहे हैं। सरकार द्वारा राइस मिलर्स से 67 प्रतिशत चावल लेती है, जिसमें अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही टोकन मान्
य है। राइस मिलर्स को पिछले 20 वर्षों से महज 10 रुपये क्विंटल कुटाई मिल रही, जबकि महंगाई के चलते 250 रुपये खर्च आ रहा है। मिलर्स ने सरकार से सीएमआर में चावल की रिकवरी 58 से 60 तक व 250 रुपये प्रोत्साहन राशि सहित पुराने भुगतान को ब्याज सहित दिलवाने की मांग की है।
विज्ञापन
रामेश्वर प्रसाद, आलोक कुशवाहा, आशीष कुमार, शोभित त्रिवेदी, विजय द्विवेदी, मेवालाल, मनीष, ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राइस मिलर्स एसोसिएशन मंडल अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने बताया कि सरकारी नीतियों की उपेक्षा के कारण मिलर्स आर्थिक बदहाली से जूझ रहे हैं। सरकार द्वारा राइस मिलर्स से 67 प्रतिशत चावल लेती है, जिसमें अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही टोकन मान्
विज्ञापन
य है। राइस मिलर्स को पिछले 20 वर्षों से महज 10 रुपये क्विंटल कुटाई मिल रही, जबकि महंगाई के चलते 250 रुपये खर्च आ रहा है। मिलर्स ने सरकार से सीएमआर में चावल की रिकवरी 58 से 60 तक व 250 रुपये प्रोत्साहन राशि सहित पुराने भुगतान को ब्याज सहित दिलवाने की मांग की है।
विज्ञापन
रामेश्वर प्रसाद, आलोक कुशवाहा, आशीष कुमार, शोभित त्रिवेदी, विजय द्विवेदी, मेवालाल, मनीष, ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे।