बारिश से हाहाकार, पलायन शुरू
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नरैनी/अतर्रा। लगातार हो रही बारिश ने हाहाकार के हालात पैदा कर दिए हैं। बारिश और नहर के पानी से दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति है। सैकड़ों मकान और खेत जलमग्न हो गए हैं। दर्जनों कच्चे मकान धराशायी हो गए। प्रशासन से बचाव या राहत के कार्य सिर्फ रस्मअदायगी तक सीमित हैं। दैवी आपदा से जूझ रहे ग्रामीणों में भारी रोष है। नरैनी नगर में सुभाष नगर में 2 से 5 फिट तक पानी भर गया है। यहां निकासी की व्यवस्था नहीं की गई थी। पक्के घर की दीवार ढह गई। दर्जनों लोगों के घरों में पानी भरा है। राजनगर भजना का पुरवा में 50 से ज्यादा मकान पानी में डूब या घिर गए हैं। पटेल नगर में वाल्मीकियों की बस्ती में घुटनों तक पानी भरा है। यहां के लोगों ने नाले में फटक लगाकर पानी रोक दिया है। पीडब्ल्यूडी डाक बंगला, कोतवाली परिसर, तहसील, ब्लाक कार्यालय परिसर में भी जलभराव है। बांदा रोड पर खेतों का पानी सड़क पार करके बह रहा है। एसडीएम सीएल सोनकर ने जेसीबी मशीन से कई जगह नालों की सफाई कराई है। उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश चौरसिया कहा कि जलनिकासी का प्रस्ताव पारित हुआ था। लेकिन लिपिक ने मजदूर नहीं बढ़ाए। वरना यह नौबत न आती।
अतर्रा। दामूगंज, नरैनी रोड, चूड़ी गली, तेल गली, गौराबाबा धाम आदि इलाकों में घरों में पानी भर गया है। परेशान महिलाओं ने एनएच पर जाम लगा दिया। एसडीएम क्रांति शेखर सिंह की गाड़ी भी रोक दी। बमुश्किल उन्हें निकलने दिया। अनथुवा गांव में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मकान जल मग्न हैं।
अतर्रा ग्रामीण के पुरवा और कस्बा में भी जल भराव है। फतेहगंज, बरछा डड़िया, कुरहूं, संग्रामपुर, माधौताल आदि गांव में एक सैकड़ा कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं। बदौसा। बागै नदी में भारी उफान से नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। भुसासी, उदयपुर, मढ़वारा, केवटन पुरवा, उसरा पुरव, टिकुरी गांव चारों तरफ पानी से घिरकर टापू बन गए हैं। एसडीएम और तहसीलदार ने घरों में घिरे ग्रामीणों को स्कूल और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। भुसासी में 18, दुबरिया में 23, उदयपुर में 16 और रकसा गांव में 5 मकान धराशाई होने की खबर है। लोग नावों से सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं।
मटौंध। नैनी तालाब उफना गया है। गांव के लोगों ने आनन-फानन गिट्टी, पत्थर डालकर पानी रोका है। भुजा तालाब की भी यही स्थिति है। तालाबों के भीटा फूट गए तो सैकड़ों मकान जल मग्न हो जाएंगे। भारी तबाही होगी। रामशरण गुप्ता के चार मकान ध्वस्त होने पर वह सड़क पर आ गए हैं। दर्जनों अन्य लोगों के भी मकान गिर गए हैं। बैबे थोक, मस्जिद के पास, गुरहा थोक, झिंगा खोड़ आदि इलाकों में भी भारी जल भराव है। ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची है। मुन्ना कोटेदार के यहां नीम का पेड़ गिर जाने से बिजली के तार व खंभे टूट गए। सपा नगर अध्यक्ष इकबाल खां सहित जगदेव सिंह, नरेंद्र तिवारी, पारथ कुशवाहा आदि ने मुआवजा देने की मांग की है।
उधर, इचौली (हमीरपुर) गांव में रातों रात बाढ़ जैसी स्थिति हो गई। चौधरी पहलवान सिंह इंटर कालेज जल मग्न हो गया। स्कूल के रिकार्ड, कंप्यूटर, मिडडे मील राशन आदि भी भीग गए। प्रधानाचार्य अरुण कुमार सहित टीचर प्रदीप राजपूत, राज किशोर शुक्ल आदि ने सामान हटाकर बचाया। कई घर गिरने से कुछ लोग घायल हो गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों को इंटर कालेज व सोसायटी भवन में ठहराया गया है। विद्यालय प्रबंधक युवराज सिंह भी मौके पर पहुंचे।
कालिंजर। राम नगर में बागै नदी में बने पुल की एप्रोच रोड बारिश से कट गई। आवागमन ठप हो गया है। पीडब्ल्यूडी ने आगे का कटाव रोकने के लिए कटान वाले स्थान पर मिट्टी डालने का काम शुरू कर दिया है। उधर, कालिंजर-नरैनी मार्ग जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गया है। दुर्ग का मार्ग भी कट गया है। पिछले 36 घंटाें से यहां बिजली भी नहीं है। बारिश न थमी तो सीमावर्ती मध्य प्रदेश का नौगवां गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है।