{"_id":"f5a5967b2978bbc799d83479f153b346","slug":"utter-chaos-on-the-death-of-three-children-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन बच्चों की मौत पर भारी बवाल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन बच्चों की मौत पर भारी बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। तेज रफ्तार ट्रक ने टेंपो सवार तीन स्कूली
विज्ञापन
बच्चों को रौंद दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें दो सगे भाई थे।
हादसे में अन्य 15 स्कूली बच्चे और टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
शुक्रवार को बांदा-महोबा नेशनल हाईवे स्थित बाईपास चौराहे पर हुए इस हादसे के बाद भारी बवाल हुआ। गुस्साए लोगों ने एक ट्रक में आग लगी दी। अन्य दो को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
भीड़ ने सात दुकानों को भी जला दिया। ग्रामीणों ने हाईवे और बाईपास पर धरना देकर जाम भी लगाया। प्रशासन और पुलिस अफसरों ने लोगों को समझा-बुझा कर कर चार घंटे बाद जाम खत्म कराया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर बांदा-महोबा नेशनल हाईवे स्थित बाईपास चौराहे पर सुबह सात बजे यह हादसा हुआ। मटौंध थाना क्षेत्र के त्रिवेणी गांव से 18 स्कूली बच्चों और अन्य चार यात्रियों को लेकर टेंपो शहर आ रहा था।
गिट्टी लेने कबरई जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने छह राहे पर टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे चिलहेटा गांव के दो भाइयों रवि (11) और अरविंद (9) पुत्र श्यामलाल रैदास और त्रिवेेणी गांव का रामू (12) पुत्र महेश्वरीदीन पाल टेंपो के बाहर जा गिरे।
तीनों ट्रक के पहियों की चपेट में आकर दूर तक घिसटते चले गए। गंभीर रूप से घायल बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 15 स्कूली बच्चे और टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के दुकानदारों और ग्रामीणों ने घायल बच्चों और अन्य यात्रियों को टेंपो से बाहर निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद भागे ट्रक चालक को मटौंध पुलिस ने पकड़ लिया।
हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क से गुजर रहे एक ट्रक को फूंक दिया और अन्य दो को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ ने हाईवे के किनारे झुग्गी झोपड़ी में चल रही चाय, पान और टायर मरम्मत आदि सात दुकानों को भी फूंक डाला।
मौके पर जमा कई गांवों के लोगों ने स्पीड ब्रेकर बनवाए जाने और मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे और बाईपास पर धरना देकर यातायात बाधित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा। प्रशासन और पुलिस अफसरों के आश्वासन पर करीब चार घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम हटाकर पुलिस को तीनों बच्चों के शवों को उठाने दिया।
शुक्रवार को बांदा-महोबा नेशनल हाईवे स्थित बाईपास चौराहे पर हुए इस हादसे के बाद भारी बवाल हुआ। गुस्साए लोगों ने एक ट्रक में आग लगी दी। अन्य दो को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
भीड़ ने सात दुकानों को भी जला दिया। ग्रामीणों ने हाईवे और बाईपास पर धरना देकर जाम भी लगाया। प्रशासन और पुलिस अफसरों ने लोगों को समझा-बुझा कर कर चार घंटे बाद जाम खत्म कराया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर बांदा-महोबा नेशनल हाईवे स्थित बाईपास चौराहे पर सुबह सात बजे यह हादसा हुआ। मटौंध थाना क्षेत्र के त्रिवेणी गांव से 18 स्कूली बच्चों और अन्य चार यात्रियों को लेकर टेंपो शहर आ रहा था।
गिट्टी लेने कबरई जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने छह राहे पर टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे चिलहेटा गांव के दो भाइयों रवि (11) और अरविंद (9) पुत्र श्यामलाल रैदास और त्रिवेेणी गांव का रामू (12) पुत्र महेश्वरीदीन पाल टेंपो के बाहर जा गिरे।
तीनों ट्रक के पहियों की चपेट में आकर दूर तक घिसटते चले गए। गंभीर रूप से घायल बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 15 स्कूली बच्चे और टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के दुकानदारों और ग्रामीणों ने घायल बच्चों और अन्य यात्रियों को टेंपो से बाहर निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद भागे ट्रक चालक को मटौंध पुलिस ने पकड़ लिया।
हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क से गुजर रहे एक ट्रक को फूंक दिया और अन्य दो को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ ने हाईवे के किनारे झुग्गी झोपड़ी में चल रही चाय, पान और टायर मरम्मत आदि सात दुकानों को भी फूंक डाला।
मौके पर जमा कई गांवों के लोगों ने स्पीड ब्रेकर बनवाए जाने और मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे और बाईपास पर धरना देकर यातायात बाधित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा। प्रशासन और पुलिस अफसरों के आश्वासन पर करीब चार घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम हटाकर पुलिस को तीनों बच्चों के शवों को उठाने दिया।