{"_id":"57f7e3b64f1c1b6d5326f873","slug":"trying-to-burn-alive-seven-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंदा फूंकने की कोशिश में सात साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिंदा फूंकने की कोशिश में सात साल की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। मिट्टी का तेल डालकर जिंदा फूंकने की कोशिश के अभियुक्त को अदालत ने सात साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना किया। एक अन्य मामले में दलित बालिका के साथ छेड़छाड़ के आरोपी को चार साल की जेल व जुर्माना किया गया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक तिंदवारी थाना क्षेत्र के वासिलपुर गांव निवासी संतोषी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि गांव की एक युवती से प्रेम-प्रसंग को लेकर उसके पति राकेश और राममनोहर पुत्र चुनकौना से 22 अगस्त 2012 को कहासुनी हो गई। रात करीब तीन बजे गांव के बाहर तालाब भीटा पर राममनोहर ने राकेश के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
विज्ञापन
गंभीर रूप से झुलस जाने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर) संजय सिंह ने सुनवाई के बाद अभियुक्त को धारा 304 में सात साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना किया। इसकी आधी रकम पीड़ित को मिलेगी।
विज्ञापन
उधर, एक अन्य मामले में देहात कोतवाली क्षेत्र की एक गांव की दलित बालिका के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 23 मार्च 2009 को वह फसल काटने गया था। घर में सात वर्षीय पुत्री अकेली थी। पड़ोसी हिरवा पुत्र जंगी कुम्हार पुत्री को अपने घर में हैंडपंप चलाने के बहाने ले गया और छेड़छाड़ की।
बालिका शोर मचाकर भाग निकली। विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) डीपीएन सिंह की अदालत में सुनवाई के बाद अभियुक्त को धारा 354 में एक साल की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना और एससीएसटी एक्ट में चार साल की सजा और चार हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। आधी रकम पीड़ित को मिलेगी।