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एसडीएम के विरुद्ध गैर जमानती वारंट
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:40 PM IST
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बांदा। लूट व जान से मारने की धमकी के मामले में लगभग आठ साल से अदालत में हाजिर न होने पर उप जिलाधिकारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। उप जिलाधिकारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कराने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार कार्मिक विभाग के सचिव को दी गई है।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव के पूर्व प्रधान व रिटायर्ड सूबेदार रामशरण यादव ने 11 सितंबर 2008 को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) की अदालत में परिवाद दायर किया था कि उसकी पत्नी ग्राम प्रधान शिवकली को तत्कालीन उप जिलाधिकारी (बबेरू) ज्ञानेश्वर प्रसाद ने रात 8 बजे गांव के स्कूल में बुलाया और बदसुलूकी की। उसने विरोध किया तो मारपीट कर 6500 रुपये व मोबाइल फोन छीन लिया। लाकप में बंद कर दिया। दूसरे दिन सरकारी काम में बाधा व एससी/एसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा कर चालान करा दिया।
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रामशरण की अर्जी पर अदालत में धारा 394, 504, 506 का यह परिवाद चल रहा है। इसमें आरोपी एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद अदालत में लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं। इस पर सोमवार को न्यायाधीश हरीनाथ पांडेय ने यह आदेश किए। उप जिलाधिकारी का वर्तमान पता अदालत में दर्ज न होने पर उनको गिरफ्तार करा कर 5 सितंबर को अदालत में पेश कराने के लिए प्रदेश सरकार के सचिव (कार्मिक) को अदालत ने आदेश दिए हैं।
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