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बेहोशी की दवा सुंघाकर बांदा में अष्टधातु की छह मूर्तियां लूटीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 14 Feb 2015 11:24 PM IST
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गिरवां (बांदा)। पुजारी और उसके परिवार को बंदूक के बल पर बेहोशी की दवा सुंघाकर हथियारों से लैस बदमाशों ने प्राचीन रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की छह दुर्लभ मूर्तियां लूट लीं। पुजारी के मुताबिक मूर्तियां करीब चार सौ वर्ष पुरानी थीं।
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लूटी गई मूर्तियों की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। किंतु शक के आधार पर गांव के प्रधान पति ने पुजारी के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पुजारी को हिरासत में ले लिया है।
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गिरवां थाना क्षेत्र के जरर गांव में प्राचीन रामजानकी राधा कृष्ण मंदिर है। मंदिर परिसर में ही बने मकान में पुजारी रासबिहारी दास सपरिवार रहते हैं। पुजारी के मुताबिक शुक्रवार को तड़के करीब ढाई बजे आठ नकाबपोश बदमाश मंदिर के पीछे की दीवार फांदकर अंदर आ गए। वह पत्नी, बहू और तीन नातिन (बच्चे) कमरे में सो रहे थे।
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एक बदमाश ने सीने में बंदूक लगा दी और उसे व उसके परिवार को कुछ सुंघा दिया। पूरा परिवार बेहोश हो गया। बदमाश चैनल की कुंडी तोड़कर अंदर रखी राम, जानकी, राधा, कृष्ण, लक्ष्मण और ललिता सखी की मूर्तियां उठा ले गए। सुबह करीब पांच बजे नींद खुली तो मूर्तियां गायब थीं। पांच मूर्तियां करीब ढाई-ढाई फीट ऊंची और एक करीब छह इंच की हैं।
उधर, ग्राम प्रधान के पति उमाशंकर त्रिपाठी ने गिरवां थाने में लिखाई रिपोर्ट में पुजारी पर शक जताया है। थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान ने बताया कि पुजारी को हिरासत में ले लिया गया है।
वहीं पुजारी का कहना है कि वह 1960 से मंदिर में रह रहा है। लगभग 73 बीघा खेतिहर भूमि मंदिर के नाम है। पुजारी के मुताबिक 1982-83 में भी मूर्तियां चोरी हो गई थीं। उसकी मदद से ही ये बरामद की गई थीं।
बदमाशों ने बेहोश क्यों किया
बड़ा सवाल उठता है कि बदमाश जब हथियारों से लैस थे और दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुए तो उन्हें पुजारी और उसके परिवार को बेहोश करने की क्या जरूरत थी। आठ नकाबपोश बदमाश बिना बेहोश किए भी पुजारी के परिवार को काबू में रख सकते थे।