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एसपी हाईकोर्ट में तलब
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 09 Sep 2016 10:38 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। ससुराल वालों द्वारा युवती के साथ मारपीट व लूटपाट के मामले में पुलिस की उदासीनता पर हाईकोर्ट ने यहां के पुलिस अधीक्षक को अदालत में पेश होकर जवाब देने का आदेश दिया है।
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शुतुरखाना निवासी पूनम चौरसिया पुत्री रामनारायण ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसके पति राजीव कुमरावत व परिजन पूजा चौरसिया, मदन मोहन, राजश्री ने उसे जान से मारने की नियत से जहर खिला दिया। कई माह इलाज के बाद उसकी जान बच पाई। वह सरकारी स्कूल में टीचर और है दोनों बच्चों को पालती है।
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घरेलू हिंसा का मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। मुकदमे से नाराज होकर ससुरालीजनों ने उसकी पिटाई की और सोने की चेन और पर्स लूट लिया। 10 दिन के अंदर 30 हजार रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। यह घटना 7 मई 2015 की बताई गई।
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पूनम का कहना है कि पुलिस ने इस घटना में सिर्फ एनसीआर दर्ज कर खानापूर्ति की। बाद में कोर्ट के आदेश पर 392, 452, 323, 504 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई। उच्च न्यायालय ने 7 जनवरी 2016 को आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए थे।
अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस द्वारा संरक्षण का आरोप लगाते हुए पूनम ने हाईकोर्ट में याचिका अर्जी दी थी। न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेश की अवहेलना मानते हुए 18 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक को अदालत में उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।