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कर्जदार किसान ने फांसी लगाकर जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 05 Sep 2015 11:02 PM IST
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बैंक और साहूकारों के कर्ज से परेशान किसान ने घर में
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फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप
दिया। किसान पर लगभग सात लाख रुपये साहूकारों का कर्ज बताया गया है। बेटी
की शादी की भी चिंता थी।
पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी सितंबर सिंह (45) पुत्र रामबहोरा शुक्रवार की रात मकान की धन्नी में साड़ी से फंदा लगाकर फांसी पर झूल गया। पत्नी गुड़िया ने बताया कि वह पुत्र-पुत्री के साथ दूसरे मकान में सो रही थी। सुबह पड़ोसियों ने उसे पति के फांसी पर टंगे होने की जानकारी दी।
पुलिस ने शव फंदे से उतारकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई विनोद सिंह ने बताया कि छह भाइयों में वह दूसरे नंबर का था। पिता ने बैंक से कर्ज लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। ब्याज समेत कर्ज 12 लाख रुपये से अधिक हो जाने पर मृतक को अपने हिस्से के तीन लाख रुपये जमा करने थे।
उधर, उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, पपरेंदा शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड से 40 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। लगभग साढ़े 3 लाख रुपये साहूकारों का भी कर्ज था। पिता की मृत्यु के बाद छह भाइयों के बंटवारे में उसके हिस्से में चार बीघा जमीन थी।
पत्नी ने बताया कि चार साल से लगातार दैवी आपदा के चलते खेती में कुछ पैदावार नहीं हो रही थी। एक पुत्री की शादी बाकी है। पिछले साल रबी फसल पूरी तरह चौपट होने के बाद वह कर्ज और पुत्री की शादी को लेकर बहुत परेशान थे। कुछ दिनों से गुमसुम रहते थे।
पत्नी ने बताया कि घर में फूटी कौड़ी नहीं है। उधर, एसडीएम पैलानी मनोज सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जांच के लिए लेखपाल को गांव भेजा है।
पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी सितंबर सिंह (45) पुत्र रामबहोरा शुक्रवार की रात मकान की धन्नी में साड़ी से फंदा लगाकर फांसी पर झूल गया। पत्नी गुड़िया ने बताया कि वह पुत्र-पुत्री के साथ दूसरे मकान में सो रही थी। सुबह पड़ोसियों ने उसे पति के फांसी पर टंगे होने की जानकारी दी।
पुलिस ने शव फंदे से उतारकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई विनोद सिंह ने बताया कि छह भाइयों में वह दूसरे नंबर का था। पिता ने बैंक से कर्ज लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। ब्याज समेत कर्ज 12 लाख रुपये से अधिक हो जाने पर मृतक को अपने हिस्से के तीन लाख रुपये जमा करने थे।
उधर, उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, पपरेंदा शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड से 40 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। लगभग साढ़े 3 लाख रुपये साहूकारों का भी कर्ज था। पिता की मृत्यु के बाद छह भाइयों के बंटवारे में उसके हिस्से में चार बीघा जमीन थी।
पत्नी ने बताया कि चार साल से लगातार दैवी आपदा के चलते खेती में कुछ पैदावार नहीं हो रही थी। एक पुत्री की शादी बाकी है। पिछले साल रबी फसल पूरी तरह चौपट होने के बाद वह कर्ज और पुत्री की शादी को लेकर बहुत परेशान थे। कुछ दिनों से गुमसुम रहते थे।
पत्नी ने बताया कि घर में फूटी कौड़ी नहीं है। उधर, एसडीएम पैलानी मनोज सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जांच के लिए लेखपाल को गांव भेजा है।