अवैध असलहा फैक्टरी में पांच साल की कैद
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बांदा। अवैध असलहे बनाने व बेचने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को पांच साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर नौ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन के मुताबिक मटौंध थानाध्यक्ष उमापति मिश्र व भूरागढ़ पुलिस चौकी प्रभारी अशोक कुमार निगम ने 8 सितंबर 2015 को थाना क्षेत्र के दुरेड़ी गांव के मजरा काशी पुरवा निवासी बैजू निषाद पुत्र मैकू निषाद के मकान में पुलिस बल के साथ दबिश देकर थ्रीनाट थ्री राइफल व 315 बोर राइफल समेत बड़ी संख्या में कारतूस व उपकरण बरामद किए। अवैध फैक्टरी संचालक बैजू निषाद को भी पुलिस ने रंगे हाथों दबोच कर जेल भेज दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता विमल कुमार व विवेक सिंह ने पांच गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को धारा 7/25 आर्म्स एक्ट में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना व धारा 5/25 आर्म्स एक्ट में तीन साल की सश्रम कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जेल में बिताई अवधि सजा में समायोजित होगी। पुलिस को मिलने वाली प्रतिबंधित राइफल के संगीन जुर्म में आरोपी को हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली।