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एक्सईएन समेत तीन अभियंताओं पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:26 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। अधूरा भुगतान करने पर खफा ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन समेत दो अभियंताओं और लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि पूरा भुगतान करने के लिए ढाई लाख रुपये मांगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार जगदीश प्रसाद मिश्रा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां धारा 156 (3) में अर्जी दी थी। मजिस्ट्रेट के आदेश पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हो गई है। तहरीर के मुताबिक ठेकेदार ने सांडासानी गांव से जगदेव पुरवा संपर्क मार्ग पर पुलिया का निर्माण वर्ष 2013 में कराया था। इसमें पीडब्ल्यूडी जेई महेश वर्मा व एई वीरेंद्र कुमार ने उससे डेढ़ लाख रुपये विभागीय खर्च के नाम पर मांगे। लेकिन उसने नहीं दिए।
ठेकेदार ने कहा है कि पुलिया के लिए शासन से 11 लाख 44 हजार रुपये मिले थे। लेकिन अभियंताओं ने उसे सिर्फ 5 लाख 99 हजार 763 रुपये का ही चेक से भुगतान किया। शेष पैसा आज तक नहीं दिया।
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ठेकेदार ने यह भी कहा कि उसने अपनी यह शिकायत अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र पटेरिया से कही तो उन्होंने भुगतान के लिए ढाई लाख रुपये मांगे। पुलिस ने अधिशासी अभियंता और दोनों एई व जेई सहित कैंप बाबू अंबिका प्रसाद के विरूद्ध धारा 419 व धारा 420 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाली प्रभारी देवी प्रसाद तिवारी जांच कर रहे हैं।
-ठेकेदार ने भुगतान कटौती पर दर्ज कराया केस
-एक्सईएन के साथ एई, जेई और बाबू भी फंसे
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बांदा। अधूरा भुगतान करने पर खफा ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन समेत दो अभियंताओं और लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि पूरा भुगतान करने के लिए ढाई लाख रुपये मांगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार जगदीश प्रसाद मिश्रा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां धारा 156 (3) में अर्जी दी थी। मजिस्ट्रेट के आदेश पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हो गई है। तहरीर के मुताबिक ठेकेदार ने सांडासानी गांव से जगदेव पुरवा संपर्क मार्ग पर पुलिया का निर्माण वर्ष 2013 में कराया था। इसमें पीडब्ल्यूडी जेई महेश वर्मा व एई वीरेंद्र कुमार ने उससे डेढ़ लाख रुपये विभागीय खर्च के नाम पर मांगे। लेकिन उसने नहीं दिए।
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ठेकेदार ने कहा है कि पुलिया के लिए शासन से 11 लाख 44 हजार रुपये मिले थे। लेकिन अभियंताओं ने उसे सिर्फ 5 लाख 99 हजार 763 रुपये का ही चेक से भुगतान किया। शेष पैसा आज तक नहीं दिया।
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ठेकेदार ने यह भी कहा कि उसने अपनी यह शिकायत अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र पटेरिया से कही तो उन्होंने भुगतान के लिए ढाई लाख रुपये मांगे। पुलिस ने अधिशासी अभियंता और दोनों एई व जेई सहित कैंप बाबू अंबिका प्रसाद के विरूद्ध धारा 419 व धारा 420 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाली प्रभारी देवी प्रसाद तिवारी जांच कर रहे हैं।
-ठेकेदार ने भुगतान कटौती पर दर्ज कराया केस
-एक्सईएन के साथ एई, जेई और बाबू भी फंसे