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गैर इरादतन हत्या में महिला को 5 साल की कैद, पति व पुत्रों को परिवीक्षा
Updated Tue, 05 Dec 2017 09:45 PM IST
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बांदा। गैर इरादतन हत्या में अदालत ने महिला को साढ़े 5 साल की जेल कैद और 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अन्य तीन अभियुक्तों को परिवीक्षा में रिहा कर दिया गया। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के गोरेपुरवा निवासी निजामुद्दीन ने 18 अगस्त 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र जुनैद बकरी चराकर लौट रहा था। तभी एक बकरी वहीद पुत्र अब्दुल शकूर के घर में घुस गई। इस पर वहीद और उसकी पत्नी मुन्नी तथा पुत्र जावेद उर्फ क्रांति व अतीक ने जुनैद को बुरी तरह मारापीटा। अस्पताल में इलाज के दौरान उसी दिन जुनैद की मौत हो गई। पुलिस ने वहीद और उसकी पत्नी व पुत्रों के विरुद्ध धारा 304, 323 व 504 आईपीसी में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव ने सात गवाह पेश किए। मंगलवार को अपर जिला सेशन न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय अनिल कुमार पंचम ने इस मुकदमा का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने वहीद की पत्नी मुन्नी को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए धारा 304 में 5 साल की जेल व 10 हजार रुपये जुर्माना और धारा 323 में छह माह की जेल व 1000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। न्यायाधीश ने आरोपी वहीद और उसके पुत्रों जावेद व अतीक को धारा 323 में दंडित करते हुए 30-30 हजार रुपये के निजी बंध पत्र और परिवीक्षा पर रिहाई के आदेश दिए। अदालती आदेश के बाद महिला पुलिस की अभिरक्षा में मुन्नी को जेल भेज दिया गया।
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विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव ने सात गवाह पेश किए। मंगलवार को अपर जिला सेशन न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय अनिल कुमार पंचम ने इस मुकदमा का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने वहीद की पत्नी मुन्नी को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए धारा 304 में 5 साल की जेल व 10 हजार रुपये जुर्माना और धारा 323 में छह माह की जेल व 1000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। न्यायाधीश ने आरोपी वहीद और उसके पुत्रों जावेद व अतीक को धारा 323 में दंडित करते हुए 30-30 हजार रुपये के निजी बंध पत्र और परिवीक्षा पर रिहाई के आदेश दिए। अदालती आदेश के बाद महिला पुलिस की अभिरक्षा में मुन्नी को जेल भेज दिया गया।
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