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माता-पिता व दो पुत्रों को दो साल की कैद
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मारपीट के मामले में माता-पिता व दो पुत्रों को अदालत ने दो वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मटौंध थाना क्षेत्र के मरौली गांव निवासी बंदी यादव पुत्र गजराज ने 6 जुलाई 2009 को थाने में तहरीर दी थी कि उसके गांव के गेंदवा यादव पुत्र गोपाली व गोरे, पुत्तन पुत्रगण गेंदवा और सुक्खी पत्नी गेदवा शाम को उसकी दीवाल गिरा रहे थे। मना किया तो आरोपियों ने लाठी डंडों से मारापीटा।
शोर मचाने पर भतीजा ब्रजकिशोर व देवरती ने बचाया। धमकाते हुए उसकी भाभी देवरती को भी लात व घूसों से मारा। पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया। वादी ने अदालत में 155(2) के तहत वाद दायर किया। अदालत के आदेश पर 5 अगस्त 2009 को विवेचना शुरू हुई।
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विवेचक ने सभी के खिलाफ धारा 323, 504, 506 व 427 का आरोपपत्र अदालत में भेजा। मामले की सुनवाई प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां हुई। अभियोजन अधिकारी रविकरन सिंह ने 6 गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद बुधवार को प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमार सिंह ने गेंदवा यादव, गोरे, पुत्तन व सुक्खी को धारा 323, 504, 506 व 427 में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास व सभी को 15000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी अभियुक्त की जमानत लेकर अपील प्रस्तुत करने का मौका देकर रिहा कर दिया।
माता-पिता व दो पुत्रों को दो साल की कैद
अदालत ने सुनाया 15 हजार रुपये अर्थदंड
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बांदा। मारपीट के मामले में माता-पिता व दो पुत्रों को अदालत ने दो वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मटौंध थाना क्षेत्र के मरौली गांव निवासी बंदी यादव पुत्र गजराज ने 6 जुलाई 2009 को थाने में तहरीर दी थी कि उसके गांव के गेंदवा यादव पुत्र गोपाली व गोरे, पुत्तन पुत्रगण गेंदवा और सुक्खी पत्नी गेदवा शाम को उसकी दीवाल गिरा रहे थे। मना किया तो आरोपियों ने लाठी डंडों से मारापीटा।
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शोर मचाने पर भतीजा ब्रजकिशोर व देवरती ने बचाया। धमकाते हुए उसकी भाभी देवरती को भी लात व घूसों से मारा। पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया। वादी ने अदालत में 155(2) के तहत वाद दायर किया। अदालत के आदेश पर 5 अगस्त 2009 को विवेचना शुरू हुई।
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विवेचक ने सभी के खिलाफ धारा 323, 504, 506 व 427 का आरोपपत्र अदालत में भेजा। मामले की सुनवाई प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां हुई। अभियोजन अधिकारी रविकरन सिंह ने 6 गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद बुधवार को प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु कुमार सिंह ने गेंदवा यादव, गोरे, पुत्तन व सुक्खी को धारा 323, 504, 506 व 427 में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास व सभी को 15000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी अभियुक्त की जमानत लेकर अपील प्रस्तुत करने का मौका देकर रिहा कर दिया।
माता-पिता व दो पुत्रों को दो साल की कैद
अदालत ने सुनाया 15 हजार रुपये अर्थदंड