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हत्या में ममेरे भाई को नौ साल की कैद
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बांदा। जमा पैसा वापस मांगने के विवाद में बुआ के लड़के की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या के जुर्म में आरोपी ममेरे भाई को अदालत ने 9 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त जेल होगी। नामजद तीन अन्य अभियुक्तों को पुलिस ने अपनी तफ्तीश में क्लीनचिट दे दी थी।
कोतवाली नगर के मोहल्ला खुटला निवासी कामता विश्वकर्मा पुत्र गजराज ने बबेरू कोतवाली में 4 अप्रैल 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका छोटा भाई श्यामू सूरत (गुजरात) में रहकर मजदूरी करता था। जब आता था तो टोलाकलां (बबेरू) में अपने मामा-मामी के घर पर रुकता था। अपनी कमाई का पैसा भी वहीं जमा करता था।
श्यामू ने अपनी शादी के लिए मामा-मामी से पैसा मांगा तो मामा के लड़के रामहित विश्वकर्मा, राजेश, बलराम और दीपू पुत्र रामदीन विश्वकर्मा ने उसकी लात-घूंसों से पिटाई करने के बाद कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना में रामहित विश्वकर्मा पुत्र रामदीन (टोलाकलां) के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल कर दिया और तीन अन्य आरोपियों को क्लीनचिट दे दी।
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त्वरित न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद सोमवार को सुनाए फैसले में अभियुक्त रामहित विश्वकर्मा को धारा 304 में 9 साल की कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।
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कोतवाली नगर के मोहल्ला खुटला निवासी कामता विश्वकर्मा पुत्र गजराज ने बबेरू कोतवाली में 4 अप्रैल 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका छोटा भाई श्यामू सूरत (गुजरात) में रहकर मजदूरी करता था। जब आता था तो टोलाकलां (बबेरू) में अपने मामा-मामी के घर पर रुकता था। अपनी कमाई का पैसा भी वहीं जमा करता था।
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श्यामू ने अपनी शादी के लिए मामा-मामी से पैसा मांगा तो मामा के लड़के रामहित विश्वकर्मा, राजेश, बलराम और दीपू पुत्र रामदीन विश्वकर्मा ने उसकी लात-घूंसों से पिटाई करने के बाद कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना में रामहित विश्वकर्मा पुत्र रामदीन (टोलाकलां) के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल कर दिया और तीन अन्य आरोपियों को क्लीनचिट दे दी।
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त्वरित न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई के बाद सोमवार को सुनाए फैसले में अभियुक्त रामहित विश्वकर्मा को धारा 304 में 9 साल की कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने 5 गवाह पेश किए।