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जिला पंचायत का लिपिक घूस लेते गिरफ्तार
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बांदा। जिला पंचायत की दुकान के अभिलेख हस्तांतरण के लिए दुकानदार से 23 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे जिला पंचायत के लिपिक को झांसी से आई एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण) टीम ने रंगेहाथ दबोच लिया। शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद टीम उसे अपने साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई।
शहर के कालूकुआं निवासी छोटेलाल ने कैथी बाजार स्थित दुकान नंबर-3 को नरेंद्र रावत से 23 दिसंबर 2013 को लिया था। हस्तांतरण संबंधी अभिलेख और शपथपत्र के साथ जिला पंचायत में अर्जी दी, लेकिन हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। लिपिक जगदीश प्रसाद टरकाते रहे। छोटेलाल के मुताबिक लिपिक ने 23 हजार रुपये रिश्वत मांगी। छोटेलाल ने झांसी जाकर इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय में की।
एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार को यहां आकर पहले नियम के मुताबिक डीएम हीरालाल से अनुमति लेकर कलक्ट्रेट के दो लिपिकों अशरफ (स्टेनो सिटी मजिस्ट्रेट) और जगदीश कुमार (पेशकार एसडीएम सदर) को टीम के साथ कर दिया। लिपिक द्वारा दिए गए 2 बजे के समय टीम छोटेलाल को लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंच गई। टीम के सदस्य उसके कक्ष के इर्दगिर्द रहे और छोटेलाल ने अपनी सीट पर बैठे लिपिक को 2-2 हजार के 11 नोट और 5-5 सौ के दो नोट (कुल 23 हजार) दिए। इन नोटों पर एंटी करप्शन टीम ने पाउडर लगा रखा था।
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लिपिक जगदीश द्वारा नोट लेकर गिन ही रहा था तभी टीम ने उसे दबोच लिया। पानी मंगाकर हाथ धुलवाए तो हाथ लाल हो गए। टीम लिपिक को लेकर कोतवाली आ गई। टीम के प्रभारी निरीक्षक अंबरीश यादव ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
टीम आरोपी लिपिक को लखनऊ ले गई। टीम में उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह व अजय कुमार सिंह समेत हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, राजबहादुर, दीपक, क्रांति पांडेय आदि शामिल रहे। उधर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के चित्रकूटधाम मंडल कोआर्डिनेटर रमाकांत शुक्ला ने बताया कि उन्होंने पीड़ित छोटेलाल को इसके लिए तैयार किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी बांदा में दो लिपिकों को एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
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शहर के कालूकुआं निवासी छोटेलाल ने कैथी बाजार स्थित दुकान नंबर-3 को नरेंद्र रावत से 23 दिसंबर 2013 को लिया था। हस्तांतरण संबंधी अभिलेख और शपथपत्र के साथ जिला पंचायत में अर्जी दी, लेकिन हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। लिपिक जगदीश प्रसाद टरकाते रहे। छोटेलाल के मुताबिक लिपिक ने 23 हजार रुपये रिश्वत मांगी। छोटेलाल ने झांसी जाकर इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय में की।
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एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार को यहां आकर पहले नियम के मुताबिक डीएम हीरालाल से अनुमति लेकर कलक्ट्रेट के दो लिपिकों अशरफ (स्टेनो सिटी मजिस्ट्रेट) और जगदीश कुमार (पेशकार एसडीएम सदर) को टीम के साथ कर दिया। लिपिक द्वारा दिए गए 2 बजे के समय टीम छोटेलाल को लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंच गई। टीम के सदस्य उसके कक्ष के इर्दगिर्द रहे और छोटेलाल ने अपनी सीट पर बैठे लिपिक को 2-2 हजार के 11 नोट और 5-5 सौ के दो नोट (कुल 23 हजार) दिए। इन नोटों पर एंटी करप्शन टीम ने पाउडर लगा रखा था।
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लिपिक जगदीश द्वारा नोट लेकर गिन ही रहा था तभी टीम ने उसे दबोच लिया। पानी मंगाकर हाथ धुलवाए तो हाथ लाल हो गए। टीम लिपिक को लेकर कोतवाली आ गई। टीम के प्रभारी निरीक्षक अंबरीश यादव ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई।
टीम आरोपी लिपिक को लखनऊ ले गई। टीम में उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह व अजय कुमार सिंह समेत हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, राजबहादुर, दीपक, क्रांति पांडेय आदि शामिल रहे। उधर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के चित्रकूटधाम मंडल कोआर्डिनेटर रमाकांत शुक्ला ने बताया कि उन्होंने पीड़ित छोटेलाल को इसके लिए तैयार किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी बांदा में दो लिपिकों को एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।