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बबुली गैंग ने मजदूरों को पीट सड़क का निर्माणरोका
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बांदा। साढ़े सात लाख रुपये के इनामी दस्यु बबुली गैंग ने धावा बोलकर शहीद स्मारक के पास सांसद निधि से बन रही सड़क में काम कर रहे आधा दर्जन राजस्थानी मजदूरों को लाठी और बंदूक की बटों से पीटकर काम बंद करा दिया।
दस्यु सरगना ने 5 लाख रुपये चौथ मांगी। साथ ही घटनास्थल के नजदीक दो घरों पर गोलियां चलाईं। पुलिस के पहुंचने से पहले ही डकैत भाग निकले। पुलिस ने कांबिंग शुरू कर दी है। गांव के कुछ लोगों से थाने में पूछताछ की जा रही है।
घटना बृहस्पतिवार तड़के करीब 3 बजे की है। दस्यु प्रभावित क्षेत्र फतेहगंज थानांतर्गत बघोलन चौराहे पर एसटीएफ जवानों की शहादत की स्मृति में बने शहीद स्मारक के पास दस्यु गिरोह ने धावा बोलकर फायरिंग शुरू कर दी। आसपास के लोग दहशत में आकर सहम गए। स्मारक के पास राजा उपाध्याय के मकान का दरवाजा न खुलने पर गोलियां बरसाईं। कई गोलियां दीवार में धंस गईं।
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इसी के नजदीक रह रहे घनश्याम ने अपने घर की छत से टार्च की रोशनी में डकैतों को ललकारा तो उस पर भी गिरोह ने कई राउंड गोलियां झोंक दीं। वह बाल-बाल बच गया। डकैतों ने शहीद स्मारक से कोल्हौंआ गांव तक पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई जा रही सड़क में लगे मजदूर भैराराम, मेघराम, कल्लाराम, दिनेश महाराज, जनक सिंह, राजकुमार, गैंडाराम, भंडारी व शंकर आदि को लाठी-डंडों और बंदूक की बटों से पीटा।
सभी मजदूर राजस्थान के जोधपुर जिले के बिसिलपुर गांव के हैं। मजदूर भैराराम ने बताया कि डकैतों की संख्या आठ थी। उनमें से एक ने अपने को लवलेश (बबुली कोल का साला) बताते हुए धमकी दी कि 5 लाख रुपये दिए बिना सड़क पर काम नहीं होगा। डकैत 6 मजदूरों के मोबाइल फोन भी छीन ले गए।
शहीद स्मारक के पास रह रहे राजा की पत्नी मधु ने यूपी-100 डॉयल कर पुलिस को सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद पुलिस पहुंची। डकैत तब तक तांडव करते रहे। पुलिस की भनक मिलते ही जंगल की ओर भाग निकले। कुछ ही देर बाद फतेहगंज थानाध्यक्ष रामाश्रय सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।
आसपास के लोगों से जानकारियां लीं। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटनास्थल से कारतूस के तीन खोखे मिले हैं। गांव के तीन लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। डकैतों की तलाश में कांबिंग की जा रही है।
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दस्यु सरगना ने 5 लाख रुपये चौथ मांगी। साथ ही घटनास्थल के नजदीक दो घरों पर गोलियां चलाईं। पुलिस के पहुंचने से पहले ही डकैत भाग निकले। पुलिस ने कांबिंग शुरू कर दी है। गांव के कुछ लोगों से थाने में पूछताछ की जा रही है।
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घटना बृहस्पतिवार तड़के करीब 3 बजे की है। दस्यु प्रभावित क्षेत्र फतेहगंज थानांतर्गत बघोलन चौराहे पर एसटीएफ जवानों की शहादत की स्मृति में बने शहीद स्मारक के पास दस्यु गिरोह ने धावा बोलकर फायरिंग शुरू कर दी। आसपास के लोग दहशत में आकर सहम गए। स्मारक के पास राजा उपाध्याय के मकान का दरवाजा न खुलने पर गोलियां बरसाईं। कई गोलियां दीवार में धंस गईं।
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इसी के नजदीक रह रहे घनश्याम ने अपने घर की छत से टार्च की रोशनी में डकैतों को ललकारा तो उस पर भी गिरोह ने कई राउंड गोलियां झोंक दीं। वह बाल-बाल बच गया। डकैतों ने शहीद स्मारक से कोल्हौंआ गांव तक पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई जा रही सड़क में लगे मजदूर भैराराम, मेघराम, कल्लाराम, दिनेश महाराज, जनक सिंह, राजकुमार, गैंडाराम, भंडारी व शंकर आदि को लाठी-डंडों और बंदूक की बटों से पीटा।
सभी मजदूर राजस्थान के जोधपुर जिले के बिसिलपुर गांव के हैं। मजदूर भैराराम ने बताया कि डकैतों की संख्या आठ थी। उनमें से एक ने अपने को लवलेश (बबुली कोल का साला) बताते हुए धमकी दी कि 5 लाख रुपये दिए बिना सड़क पर काम नहीं होगा। डकैत 6 मजदूरों के मोबाइल फोन भी छीन ले गए।
शहीद स्मारक के पास रह रहे राजा की पत्नी मधु ने यूपी-100 डॉयल कर पुलिस को सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद पुलिस पहुंची। डकैत तब तक तांडव करते रहे। पुलिस की भनक मिलते ही जंगल की ओर भाग निकले। कुछ ही देर बाद फतेहगंज थानाध्यक्ष रामाश्रय सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।
आसपास के लोगों से जानकारियां लीं। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटनास्थल से कारतूस के तीन खोखे मिले हैं। गांव के तीन लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। डकैतों की तलाश में कांबिंग की जा रही है।