{"_id":"5c86a3cebdec22145411f5e9","slug":"11552327630-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलधारा में खनन से सिंचाई परियोजना खतरे में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जलधारा में खनन से सिंचाई परियोजना खतरे में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खप्टिहा कलां। नदी की जलधारा में रात-दिन मशीनों से किए जा रहे बालू खनन ने यहां के कई गांवों में पेयजल संकट खड़ा कर दिया है। जलधारा में बदलाव और गहराई के बढ़ते अलोना पंप केनाल के पंप स्टेशन को पानी नहीं मिल पा रहा।
इससे लुकतरा, खप्टिहा, पचुल्ला, खरेई गांवों के किसानों में भारी रोष है। रविवार रात किसानों ने पंप केनाल के पास प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचकर नायब तहसीलदार ने पुलिस के साथ बालू माफियाओं द्वारा जलधारा में बनाया गया रास्ता ध्वस्त करा दिया। तभी ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
बालू माफिया क्षेत्रीय लोगों को दोहरी मार दे रहे हैं। एक तरफ बालू के ट्रक और ट्रैक्टर खेत रौंद रहे हैं तो दूसरी तरफ मशीनों से जलधारा में हो रहे खनन से सिंचाई विभाग की पंप केनाल ठप होने की कगार पर है।
विज्ञापन
अलोना के जय सिंह, शिवपूजन सिंह, लाखन सेंगर, बड़े लाला आदि किसानों ने प्रदर्शन किया। बालू माफियाओं से निजात दिलाने की मांग की। देर रात पैलानी नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव मौके पर पहुंचे और वस्तु स्थिति की उप जिलाधिकारी, पैलानी को रिपोर्ट दी। अंतत: प्रशासन ने नदी जलधारा में बना रास्ता तुड़वा दिया।
ग्रामीणों के विरोध पर तोड़ा गया नदी का पुल
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
इससे लुकतरा, खप्टिहा, पचुल्ला, खरेई गांवों के किसानों में भारी रोष है। रविवार रात किसानों ने पंप केनाल के पास प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचकर नायब तहसीलदार ने पुलिस के साथ बालू माफियाओं द्वारा जलधारा में बनाया गया रास्ता ध्वस्त करा दिया। तभी ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
विज्ञापन
बालू माफिया क्षेत्रीय लोगों को दोहरी मार दे रहे हैं। एक तरफ बालू के ट्रक और ट्रैक्टर खेत रौंद रहे हैं तो दूसरी तरफ मशीनों से जलधारा में हो रहे खनन से सिंचाई विभाग की पंप केनाल ठप होने की कगार पर है।
विज्ञापन
अलोना के जय सिंह, शिवपूजन सिंह, लाखन सेंगर, बड़े लाला आदि किसानों ने प्रदर्शन किया। बालू माफियाओं से निजात दिलाने की मांग की। देर रात पैलानी नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव मौके पर पहुंचे और वस्तु स्थिति की उप जिलाधिकारी, पैलानी को रिपोर्ट दी। अंतत: प्रशासन ने नदी जलधारा में बना रास्ता तुड़वा दिया।
ग्रामीणों के विरोध पर तोड़ा गया नदी का पुल
अमर उजाला ब्यूरो