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दुष्कर्म के जुर्म में सात साल की जेल और जुर्माना
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:49 PM IST
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बांदा। महिला को बंधक बनाकर दुष्कर्म के जुर्म में अदालत ने अभियुक्त को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। इसे अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त जेल होगी। अभियुक्त जमानत पर था। उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की महिला ने बांदा के मटौंध थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने सन् 2012 में मटौंध थाना क्षेत्र के गांव निवासी उत्तम यादव पुत्र दीनदयाल से एक मंदिर में प्रेम-विवाह किया था। शादी के डेढ़ वर्ष बाद पति कमाने बाहर चला गया था। महिला अपने मायके में रह रही थी। मटौंध थाना क्षेत्र के मरौली गांव निवासी ने झांसा देकर उसे गांव बुलाया। अर्धरात्रि में ट्रेन से बांदा स्टेशन पर उतरी। तभी बबलू पुत्र रामशरन व जय विजय पुत्र रामसजीवन उसे अपने गांव ले गए। घर में बंद कर उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। 7 अप्रैल 2014 को बबलू व जय विजय के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराई। पुलिस ने विवेचना करके दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
एक आरोपी बबलू न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत करा कर जेल से बाहर आ गया। दूसरा आरोपी फरार होने के कारण अदालत उसकी पत्रावली अलग कर दी थी। मंगलवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने आरोपी बबलू को धारा 376 में सात साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 342 में 6 माह की कारावास और 5 सौ रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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-अभियुक्त जमानत पर था
अमर उजाला ब्यूरो
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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की महिला ने बांदा के मटौंध थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने सन् 2012 में मटौंध थाना क्षेत्र के गांव निवासी उत्तम यादव पुत्र दीनदयाल से एक मंदिर में प्रेम-विवाह किया था। शादी के डेढ़ वर्ष बाद पति कमाने बाहर चला गया था। महिला अपने मायके में रह रही थी। मटौंध थाना क्षेत्र के मरौली गांव निवासी ने झांसा देकर उसे गांव बुलाया। अर्धरात्रि में ट्रेन से बांदा स्टेशन पर उतरी। तभी बबलू पुत्र रामशरन व जय विजय पुत्र रामसजीवन उसे अपने गांव ले गए। घर में बंद कर उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। 7 अप्रैल 2014 को बबलू व जय विजय के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराई। पुलिस ने विवेचना करके दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
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एक आरोपी बबलू न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत करा कर जेल से बाहर आ गया। दूसरा आरोपी फरार होने के कारण अदालत उसकी पत्रावली अलग कर दी थी। मंगलवार को प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने आरोपी बबलू को धारा 376 में सात साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 342 में 6 माह की कारावास और 5 सौ रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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-अभियुक्त जमानत पर था
अमर उजाला ब्यूरो