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भूख-प्यास से तड़प कर दम तोड़ रहीं गायें
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
Updated Wed, 12 Apr 2017 10:51 PM IST
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भूख-प्यास से तड़पती बछिया।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। सूखे की तबाही में खूंटे से खोल कर ‘अन्ना’ कर दी गायें और उनके बच्चे भूख और प्यास से तड़प कर मौत के मुंह समा रहे हैं या फिर किसी फल-सब्जी में मुंह मारने पर डंडे खा रहे हैं। इसकी बानगी तिंदवारी नगर है। कई सालों से दैवी आपदा की मार से टूट चुके किसानों ने गायों और उनके बच्चों को छुट्टा कर दिया। बड़ी संख्या में मवेशियों को आजाद कर देने से क्षेत्र में अन्ना जानवरों की भरमार हो गई। कुछ चारे की तलाश में जंगलों की तरफ भटक गईं तो कई नगर में ही घूमकर भूख मिटाने के लिए दुकानों में मुंह मारती और डंडा खाती हैं। तिंदवारी नगर में गोशाला नहीं है। लिहाजा यहां सारी अन्ना गायें और उनके बच्चे सड़कों में विचरण करते रहते हैं। आधे-अधूरे पेट पर दिन-रात गुजारती हैं। अब भीषण गर्मी में हालात और बद्तर हो गए। खेत-खलिहान खाली होने पर गायों व बछड़े भूख और प्यास से दम तोड़ रहे हैं। तिंदवारी में एक सप्ताह के अंदर दो मवेशियों की भूख और प्यास से मौत हो गई। बुधवार को एक बाइक एजेंसी के पास भूख-प्यास की वजह से तड़पता बछड़ा मौत के मुंहाने में है। उसे बचाने के लिए किसी ने हमदर्दी नहीं दिखाई। गो सेवा के नाम पर दम भरने वाले भी नदारद हैं। उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष ब्रजेश सिंह पटेल का कहना है कि पशुओं की देखरेख व रखरखाव का काम पशु विभाग का है। अब गाय मर रही हैं तो इसमें वह क्या कर सकते हैं?
सार्वजनिक स्थलों में पानी भरे नांद रखे जाएंगे : एसडीएम
बांदा। उप जिलाधिकारी प्रहलाद सिंह का कहना है कि भूख-प्यास से मवेशियों की मौत की जानकारी उन्हें नहीं है। वह नगर पालिका और नगर पंचायतों को पत्र लिखेंगे कि गर्मीभर सार्वजनिक स्थलों में नांद में पानी भरकर रखे जाएं जिससे मवेशियों को पीने के लिए पानी मिल सके। प्यास से किसी मवेशी को मरने नहीं दिया जाएगा।
किसान नेताओं ने कमिश्नर को ज्ञापन दिया
बांदा। हिंदुस्तान किसान यूनियन ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर जल निगम अधिकारियों की शिकायत की। आरोप लगाया कि पेयजल परियोजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से जरूरतमंदों को भीषण गर्मी में पानी नहीं मिल रहा। इसके अलावा शहर और महुआ गांव के कोटेदारों की भी शिकायत की। बताया कि कोटेदारों को मनमानी से कार्डधारकों को राशन नहीं मिल रहा। जांच कर कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी समेत जीवेश प्रकाश, सुरेश कुमार, प्रेम कुमार, सत्यनारायण मिश्रा, छोटेलाल मिश्रा, रामप्रकाश पांडेय, कमलेश कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सार्वजनिक स्थलों में पानी भरे नांद रखे जाएंगे : एसडीएम
बांदा। उप जिलाधिकारी प्रहलाद सिंह का कहना है कि भूख-प्यास से मवेशियों की मौत की जानकारी उन्हें नहीं है। वह नगर पालिका और नगर पंचायतों को पत्र लिखेंगे कि गर्मीभर सार्वजनिक स्थलों में नांद में पानी भरकर रखे जाएं जिससे मवेशियों को पीने के लिए पानी मिल सके। प्यास से किसी मवेशी को मरने नहीं दिया जाएगा।
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किसान नेताओं ने कमिश्नर को ज्ञापन दिया
बांदा। हिंदुस्तान किसान यूनियन ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर जल निगम अधिकारियों की शिकायत की। आरोप लगाया कि पेयजल परियोजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से जरूरतमंदों को भीषण गर्मी में पानी नहीं मिल रहा। इसके अलावा शहर और महुआ गांव के कोटेदारों की भी शिकायत की। बताया कि कोटेदारों को मनमानी से कार्डधारकों को राशन नहीं मिल रहा। जांच कर कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी समेत जीवेश प्रकाश, सुरेश कुमार, प्रेम कुमार, सत्यनारायण मिश्रा, छोटेलाल मिश्रा, रामप्रकाश पांडेय, कमलेश कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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