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कहां चले गए ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर
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बांदा। इसे कोरोना संक्रमण काल की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों में हो रही ऑक्सीजन की कमी से मौतों का खौफ कहें या कोरोना मरीजों के इलाज में किया जा रहा खिलवाड़, लेकिन चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीय मेडिकल कॉलेज में जिस तरह से 200 पल्स ऑक्सीमीटर और 70 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर गायब हो गए, उससे तो लोगों में ऐसी चर्चाओं का ही बाजार गर्म। उधर, मामले की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित की गई तीन सदस्यीय टीम के अलावा अब जिला प्रशासन भी तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
राजकीय मेडिकल कालेज में कोरोना मरीजों के इलाज में हो रहे खिलवाड़ पर तीमारदारों ने सोशल मीडिया के जरिए पोल खोलना शुरू की तो मेडिकल कालेज प्रशासन ने भी उल्टा आरोपों की झड़ी लगा दी है। मेडिकल कालेज से लगभग 200 पल्स ऑक्सीमीटर और 70 ऑक्सीजन सिलिंडर गायब होने का ठीकरा मरीजों/तीमारदारों पर फोड़ा जा रहा है। इसकी तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, ऑक्सीजन सिलिंडर में उगाही और इलाज में लापरवाही को लेकर लगातार मरीजों के तीमारदार आरोप लगा रहे हैं। खबरें सुर्खियां बनीं तो मेडिकल कालेज प्रशासन ने उल्टा मरीजों व उनके तीमारदारों को घेरना शुरू कर दिया। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि यहां भर्ती हरेक कोविड मरीज को पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाते हैं।
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बताया कि जरूरतमंदों को आक्सीजन सिलिंडर भी दिए जाते हैं। मेडिकल कालेज से अब तक करीब दो सौ पल्स ऑक्सीमीटर गायब हो चुके हैं। रिकार्ड के मुताबिक, 70 ऑक्सीजन सिलिंडर भी नहीं मिल रहे। गायब ऑक्सीमीटर और सिलिंडर की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच में नाम उजागर होने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकांश तीमारदारों को अपने मरीजों का ध्यान रहता है। तमाम लोगों ने ऑक्सीजन सिलिंडर वार्ड के बाथरूम में छिपा रखे थे। स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें ढूंढा और दूसरे मरीजों को उपलब्ध कराया। आरोप लगाया कि तीमारदारों की इस हरकत से परेशानी हो रही है।
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राजकीय मेडिकल कालेज में कोरोना मरीजों के इलाज में हो रहे खिलवाड़ पर तीमारदारों ने सोशल मीडिया के जरिए पोल खोलना शुरू की तो मेडिकल कालेज प्रशासन ने भी उल्टा आरोपों की झड़ी लगा दी है। मेडिकल कालेज से लगभग 200 पल्स ऑक्सीमीटर और 70 ऑक्सीजन सिलिंडर गायब होने का ठीकरा मरीजों/तीमारदारों पर फोड़ा जा रहा है। इसकी तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है।
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स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, ऑक्सीजन सिलिंडर में उगाही और इलाज में लापरवाही को लेकर लगातार मरीजों के तीमारदार आरोप लगा रहे हैं। खबरें सुर्खियां बनीं तो मेडिकल कालेज प्रशासन ने उल्टा मरीजों व उनके तीमारदारों को घेरना शुरू कर दिया। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि यहां भर्ती हरेक कोविड मरीज को पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाते हैं।
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बताया कि जरूरतमंदों को आक्सीजन सिलिंडर भी दिए जाते हैं। मेडिकल कालेज से अब तक करीब दो सौ पल्स ऑक्सीमीटर गायब हो चुके हैं। रिकार्ड के मुताबिक, 70 ऑक्सीजन सिलिंडर भी नहीं मिल रहे। गायब ऑक्सीमीटर और सिलिंडर की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच में नाम उजागर होने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकांश तीमारदारों को अपने मरीजों का ध्यान रहता है। तमाम लोगों ने ऑक्सीजन सिलिंडर वार्ड के बाथरूम में छिपा रखे थे। स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें ढूंढा और दूसरे मरीजों को उपलब्ध कराया। आरोप लगाया कि तीमारदारों की इस हरकत से परेशानी हो रही है।