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संविदा चालकों को मिलेगा 1.50 रुपये प्रति किमी
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बांदा। रोडवेज के संविदा चालकों को नए साल में दिसंबर का मानदेय 1 रुपये 50 पैसे प्रति किलोमीटर (किमी) मिलेगा। शासन ने 14 पैसे प्रति किमी की वृद्धि की है। पहले यह 1 रुपये 36 पैसे प्रति किमी निर्धारित था। इसके अलावा संविदा चालकों का ईपीएफ भी 50 पैसे से बढ़ाकर एक रुपये किया गया। बेहतर सेवाएं देने वाले 11 संविदा चालकों और परिचालकों का मानदेय 14 से 17 हजार रुपये प्रति माह तय किया गया है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने बताया कि शासन ने संविदा चालक व परिचालक के किलो मीटर में 14 पैसे का इजाफा किया है। दिसंबर का मानदेय जनवरी में1.50 पैसें प्रति किलो मीटर की दर से मिलेगा। पहले यह 1.36 पैसे प्रति किलो मीटर था। सरकार ने इनके ईपीएफ में भी बढ़ोत्तरी गई की है। 50 पैसे के स्थान पर अब एक रुपये ईपीएफ काटा जाएगा।
सेवा समाप्ति पर कार्मिक को काटी की गई धनराशि का डबल पैसा दिया जाएगा। उधर, उत्कर्ष मानदेय योजना के तहत माह में 78 हजार किलो मीटर सेवा देने वाले जिले के पांच संविदा चालक व परिचालक का मानदेय 17 हजार व 66 हजार किलो मीटर सेवा देने वाले 6 का मानदेय 14 हजार रुपये मासिक फिक्स किया गया है। बताया कि उत्कर्ष योजना अनवरत जारी रहेगी।
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बेहतर सेवाएं देने वाले कर्मियों का मानदेय क्षेत्रीय प्रबंधक की सिफारिश पर शासन स्तर पर प्रति वर्ष फिक्स किया जाएगा। ऐसा कर्मियों को उत्साह को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, ताकि संविदा कार्मिक परिवहन निगम की आय बढ़ाने में सहयोग करें। उधर, शासन स्तर पर वर्ष 2000 तक के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी लंबित है।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने बताया कि शासन ने संविदा चालक व परिचालक के किलो मीटर में 14 पैसे का इजाफा किया है। दिसंबर का मानदेय जनवरी में1.50 पैसें प्रति किलो मीटर की दर से मिलेगा। पहले यह 1.36 पैसे प्रति किलो मीटर था। सरकार ने इनके ईपीएफ में भी बढ़ोत्तरी गई की है। 50 पैसे के स्थान पर अब एक रुपये ईपीएफ काटा जाएगा।
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सेवा समाप्ति पर कार्मिक को काटी की गई धनराशि का डबल पैसा दिया जाएगा। उधर, उत्कर्ष मानदेय योजना के तहत माह में 78 हजार किलो मीटर सेवा देने वाले जिले के पांच संविदा चालक व परिचालक का मानदेय 17 हजार व 66 हजार किलो मीटर सेवा देने वाले 6 का मानदेय 14 हजार रुपये मासिक फिक्स किया गया है। बताया कि उत्कर्ष योजना अनवरत जारी रहेगी।
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बेहतर सेवाएं देने वाले कर्मियों का मानदेय क्षेत्रीय प्रबंधक की सिफारिश पर शासन स्तर पर प्रति वर्ष फिक्स किया जाएगा। ऐसा कर्मियों को उत्साह को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, ताकि संविदा कार्मिक परिवहन निगम की आय बढ़ाने में सहयोग करें। उधर, शासन स्तर पर वर्ष 2000 तक के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी लंबित है।