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डीआईओएस को कोर्ट का अवमानना नोटिस
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बांदा। पुरानी पेंशन योजना के तहत जीपीएफ कटौती न करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा डीआईओएस को अवमानना नोटिस जारी किया है। जवाब दाखिल करने के लिए 27 जुलाई का समय निर्धारित किया गया है।
वर्ष 2001 में माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबद्ध स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की तैनाती की गई थी। इनमें अवधेश कुमार गुप्ता की नियुक्ति विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रतिमाह 5000 रुपये के मानदेय पर बाराबंकी में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2007 में विभागीय नियम आदेशों के क्रम में इनका सहायक शिक्षक के पद पर आदर्श इंटर कॉलेज, बिसंडा में आमेलन हुआ था।
अवधेश ने विभाग से मांग की कि उनका जीपीएफ पुरानी पेंशन योजना के तहत काटा जाए। इसका विभाग ने अनुपालन नहीं किया। जिस पर अवधेश ने वर्ष 2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी। हाईकोर्ट ने विभाग को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का आदेश दिया गया।
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इस आदेश का अमल नहीं किया गया। जिस पर हाईकोर्ट ने बांदा डीआईओएस को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। उधर, डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि शिक्षक की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की गई थी।
विभागीय नियमावली के तहत उनका जीपीएफ, पुरानी पेंशन योजना के तहत नहीं काटा गया था। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें अवमानना नोटिस भेजा है। तय समय पर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
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वर्ष 2001 में माध्यमिक शिक्षा विभाग से संबद्ध स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की तैनाती की गई थी। इनमें अवधेश कुमार गुप्ता की नियुक्ति विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रतिमाह 5000 रुपये के मानदेय पर बाराबंकी में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2007 में विभागीय नियम आदेशों के क्रम में इनका सहायक शिक्षक के पद पर आदर्श इंटर कॉलेज, बिसंडा में आमेलन हुआ था।
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अवधेश ने विभाग से मांग की कि उनका जीपीएफ पुरानी पेंशन योजना के तहत काटा जाए। इसका विभाग ने अनुपालन नहीं किया। जिस पर अवधेश ने वर्ष 2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी। हाईकोर्ट ने विभाग को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का आदेश दिया गया।
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इस आदेश का अमल नहीं किया गया। जिस पर हाईकोर्ट ने बांदा डीआईओएस को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। उधर, डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि शिक्षक की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की गई थी।
विभागीय नियमावली के तहत उनका जीपीएफ, पुरानी पेंशन योजना के तहत नहीं काटा गया था। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें अवमानना नोटिस भेजा है। तय समय पर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।