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धोखाधड़ी में कंपनी सीएमडी की जमानत अर्जी खारिज

Mon, 08 Nov 2021 10:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 10:54 PM IST
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Company CMD's bail application rejected in fraud
बांदा। महाराष्ट्र पावर ट्रांसमिशन स्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी) जानकी शाह को अदालत ने अग्रिम जमानत नहीं दी। सेशन न्यायाधीश ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। उन पर अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का आरोप है।
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बांदा के सिविल लाइन निवासी सौरभ अग्रवाल ने 23 अक्तूबर 2015 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सीमेंट का थोक व्यापारी है। 26 फरवरी 2013 को उसने महाराष्ट्र पावर ट्रांसमिशन स्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी जानकी शाह ने इसे 5040 बोरी सीमेंट विभिन्न निर्माण स्थलों पर आपूर्ति करने का आदेश दिया था।
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इसके बाद 5 मार्च 2013 को 500 बोरी सीमेंट की मांग और की गई। शर्तों के मुताबिक 5540 बोरी सीमेंट आपूर्ति की गई। इसका भुगतान 60 दिनों के अंदर किया जाना था। लेकिन तीन माह बाद भी भुगतान नहीं किया गया। सीमेंट व्यापारी ने कहा कि सीएमडी से उसने फोन पर वार्ता की और अपना 16 लाख 62 हजार रुपये तथा उसका 24 प्रतिशत ब्याज देने को कहा। पर एक-एक माह का आश्वासन देकर टाला जाता रहा।
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पुलिस ने सीएमडी के विरुद्ध धारा 406, 420 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। सोमवार को सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने पैरवी की।
जमीन के विवाद में प्राणघातक हमले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज हो गई। देहात कोतवाली क्षेत्र के लामा गांव में रिक्त पड़ी भूमि को लेकर चल रहे विवाद के बीच 15 अगस्त 2021 की रात दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। एक पक्ष के अतुल को गंभीर चोटें आईं। वह कानपुर में भर्ती है।

गांव के कुलदीप गुप्ता ने छह लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात पर कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी ओमप्रकाश कुशवाहा जेल में है। सोमवार को उसने अधिवक्ता के जरिए सेशन न्यायाधीश की अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की। कहा कि उसे रंजिशन फंसाया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश ने जमानत के पर्याप्त आधार न होने पर जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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