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मोहर्रम के पहले ही कमेटी भंग, सामूहिक इस्तीफे 19-39-52
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बांदा। अगले माह होने वाले मोहर्रम से पहले ही इसके अनुयायियों और आयोजकों को झटका लगा है। बांदा शहर मोहर्रम कमेटी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है। कमेटी अध्यक्ष, संरक्षक और सचिव ने मोहर्रम के आयोजनों से खुद को अलग कर लेने का एलान किया है।
बांदा शहर में मोहर्रम 10 दिन मनाया जाता है। हर आयोजन में हजारों लोग शामिल होते हैं। इसमें खासी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भी प्रतिभाग करते हैं। हालांकि उलेमा और वरिष्ठ मुस्लिम इससे अपनी दूरी बनाए रहते हैं। बांदा में यह आयोजन 100 साल से भी ज्यादा प्राचीन है।
इस वर्ष मोहर्रम अगले माह अगस्त में है, लेकिन इससे पूर्व ही शुक्रवार को मोहर्रम कमेटी संरक्षक मोहम्मद शोएब, अध्यक्ष वहीद नेता तथा सचिव मोहम्मद हाशिम ने संयुक्त हस्ताक्षरों से जारी प्रेस बयान में कहा कि शहर की मोहर्रम कमेटी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है। इसकी सूचना सभी इमामबाड़े वालों को दे दी गई है। तीनों पदाधिकारियों ने यह भी कहा है कि मोहर्रम कमेटी के किसी कार्यकलाप या मोहर्रम के आयोजनों से उनका अब कोई संबंध नहीं है।
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फोटो-01बीएनडीपी-12 : शहर काजी मेराज मसूदी।
चांद की तस्दीक हुई, बकरीद 10 को
बांदा। बकरीद 10 जुलाई को मनाई जाएगी। यह एलान दारुल उलूम रब्बानिया रुयते हिलाल (चंद्र दर्शन) के सदर शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने किया है। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि इस्लामी कलेंडर के जिलहिज माह का चांद जीकाद माह की 29वीं (30 जून) को नजर आ जाने की शरई तस्दीक हासिल हो गई है। लिहाजा शुक्रवार को जिलहिज माह की पहली तारीख थी। बकरीद 10 जिलहिज (10 जुलाई) को होगी।
मौलाना मसूदी ने कहा कि मेल-मोहब्बत और आपसी सौहार्र्द के साथ बकरीद मनाने की परंपरा को बरकरार रखें। जानवरों की कुर्बानी में यह पूरा ख्याल रखें कि खुली जगह पर नहीं हो। सब तरफ से बंद स्थान पर कुर्बानी हो। सफाई का खास ध्यान रखें। यह भी कहा कि शासन या प्रशासन की गाइडलाइन पर अमल करें। बकरीद की नमाज ईदगाहों समेत पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी अन्य मसजिदों में अदा की जाएगी।
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बांदा शहर में मोहर्रम 10 दिन मनाया जाता है। हर आयोजन में हजारों लोग शामिल होते हैं। इसमें खासी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भी प्रतिभाग करते हैं। हालांकि उलेमा और वरिष्ठ मुस्लिम इससे अपनी दूरी बनाए रहते हैं। बांदा में यह आयोजन 100 साल से भी ज्यादा प्राचीन है।
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इस वर्ष मोहर्रम अगले माह अगस्त में है, लेकिन इससे पूर्व ही शुक्रवार को मोहर्रम कमेटी संरक्षक मोहम्मद शोएब, अध्यक्ष वहीद नेता तथा सचिव मोहम्मद हाशिम ने संयुक्त हस्ताक्षरों से जारी प्रेस बयान में कहा कि शहर की मोहर्रम कमेटी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है। इसकी सूचना सभी इमामबाड़े वालों को दे दी गई है। तीनों पदाधिकारियों ने यह भी कहा है कि मोहर्रम कमेटी के किसी कार्यकलाप या मोहर्रम के आयोजनों से उनका अब कोई संबंध नहीं है।
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फोटो-01बीएनडीपी-12 : शहर काजी मेराज मसूदी।
चांद की तस्दीक हुई, बकरीद 10 को
बांदा। बकरीद 10 जुलाई को मनाई जाएगी। यह एलान दारुल उलूम रब्बानिया रुयते हिलाल (चंद्र दर्शन) के सदर शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने किया है। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि इस्लामी कलेंडर के जिलहिज माह का चांद जीकाद माह की 29वीं (30 जून) को नजर आ जाने की शरई तस्दीक हासिल हो गई है। लिहाजा शुक्रवार को जिलहिज माह की पहली तारीख थी। बकरीद 10 जिलहिज (10 जुलाई) को होगी।
मौलाना मसूदी ने कहा कि मेल-मोहब्बत और आपसी सौहार्र्द के साथ बकरीद मनाने की परंपरा को बरकरार रखें। जानवरों की कुर्बानी में यह पूरा ख्याल रखें कि खुली जगह पर नहीं हो। सब तरफ से बंद स्थान पर कुर्बानी हो। सफाई का खास ध्यान रखें। यह भी कहा कि शासन या प्रशासन की गाइडलाइन पर अमल करें। बकरीद की नमाज ईदगाहों समेत पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी अन्य मसजिदों में अदा की जाएगी।
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