फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Combination of two special festivals after a long time

अरसे बाद दो खास त्योहारों का संयोग

Thu, 17 Mar 2022 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 10:39 PM IST
विज्ञापन
Combination of two special festivals after a long time
गुझिया और हलुवा के लिए सामग्री खरीदतीं हिंदू-मुस्लिम महिला ग्राहक। - फोटो : BANDA
बांदा। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा और इस्लामी कलेंडर के शाबान माह की 14वीं को शब-ए-बरात के एक साथ संयोग से शुक्रवार को एक तरफ जहां होली की गुझिया की मिठास लोगों की जुबां पर होगी तो दूसरी तरफ शब-ए-बरात के हलुवे का जायका भी मिलेगा। गुझिया और हलुवा तैयार करने के लिए पूर्व संध्या पर गुरुवार को हिंदू-मुस्लिम ग्राहकों से बाजार गुलजार रहा। देर रात तक खरीदारी हुई। करोड़ों रुपये का रंग-गुलाल और पिचकारी कारोबार हुआ। जिले में शुक्रवार और शनिवार को दो दिन होली मनेगी।
विज्ञापन

लंबे अरसे के बाद दो महत्वपूर्ण पर्वों के एक साथ पड़ने का संयोग आया है। इसे लेकर हिंदू-मुस्लिम दोनों ही उत्साहित हैं। गुरुवार को पूरे दिन मुस्लिम समुदाय के लोग हलुवा के लिए सूजी, मैदा, घी, चीनी और विभिन्न खाने वाले रंग आदि की खरीदारी में जुटे रहे। दूसरी तरफ गुझिया के लिए मैदा, खोया, चीनी, मेवा आदि के लिए हिंदू ग्राहकों की दुकानों में भीड़ रही।
विज्ञापन

रंग-गुलाल, पिचकारी आदि की दुकानों में भी देर रात तक खरीद-फरोख्त की धूम रही। लगभग सभी सामग्रियों में दाम बढ़े होने के बावजूद लोगों ने पूरे जोशखरोश से त्योहारी खरीदारी की। देर रात होलिका दहन के साथ ही होली की धूम शुरू हो गई। बांदा शहर में करीब एक सैकड़ा और पूरे जनपद में लगभग 1173 स्थानों पर होली जलाई गई। होलिका दहन स्थलों के आसपास सजावट के बीच लाउडस्पीकर पर होली गीत गूंजते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नई फसलों के साथ होलिका का किया पूजन
बांदा। होलिका दहन की ऊंची लपटों के बीच श्रद्धालुओं ने गेहूं की बाली व चना का बिरवा इत्यादि को होली में समर्पित किया। होलिका की चारों ओर सात परिक्रमा लगाईं। उधर, घरों में पूजा के दौरान गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमाएं बनाकर फूलों की माला, रोली, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल और पांच या सात प्रकार के अनाज तथा एक लोटा जल से पूजा की। बड़ी फुलौरी, मीठे पकवान, मिठाइयां आदि अर्पित कीं।

होली के लिए पिचकारियां खरीदते लोग।

होली के लिए पिचकारियां खरीदते लोग। - फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed