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पहाड़ों से आई बर्फीली हवाओं से गिरा पारा, बूंदाबांदी भी हुई
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मौसम बदलने से बढ़ी ठंड में खेत किनारे कचरा जलाकर ठंड से बचते किसान।
- फोटो : BANDA
बांदा। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और वहां से होकर चार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आ रही दक्षिण-पश्चिम हवाओं ने अचानक चित्रकूटधाम मंडल का मौसम बदल दिया। गुरुवार का दिन जहां तेज धूप और हल्की तपिश के बीच बीता, वहीं सुबह से ही कोहरे की धुंध और बादलों ने दस्तक दे दी। तापमान तीन डिग्री तक गिर गया। ठंड भी बढ़ गई। दिनभर बादलों के बीच बूंदाबांदी भी हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक कई दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। फसलों को फिलहाल नुकसान के आसार नहीं बताए गए हैं।
दिसंबर के पहले हफ्ते तक मौसम सामान्य रहा। अपेक्षाकृत ठंड भी नहीं बढ़ी, लेकिन शुक्रवार को तड़के से ही चित्रकूटधाम मंडल में भी मौसम में बड़ा बदलाव आया। सुबह से ही सूरज कोहरे की धुंध और बादलों की ओट में छिपा रहा। 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटा की दक्षिण-पश्चिम हवाओं ने लोगों को ठंड का अहसास करा दिया।
दिसंबर में यह सबसे ठंडा दिन था। न्यूनतम पारा 12 से 9 डिग्री पर आ गया। उधर, मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हैं। कुछ स्थानों पर बारिश के भी आसार हैं। फिलहाल कई दिन कमोवेश मौसम ऐसा ही रहेगा। तापमान में और गिरावट आ सकती है। सुबह-शाम कोहरा भी बढ़ेगा।
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गेहूं-चना में मुफीद, लाही-अरहर को नुकसान
कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. बीएन गुप्ता का कहना है कि कोहरा, बादल और बूंदाबांदी से रबी की उन फसलों को नुकसान पहुंच सकता है जिनमें फूल आ गया है। उदाहरण के लिए लाही व अरहर आदि। चना, गेहूं, अलसी, मसूर की फसल को फायदा होगा।
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दिसंबर के पहले हफ्ते तक मौसम सामान्य रहा। अपेक्षाकृत ठंड भी नहीं बढ़ी, लेकिन शुक्रवार को तड़के से ही चित्रकूटधाम मंडल में भी मौसम में बड़ा बदलाव आया। सुबह से ही सूरज कोहरे की धुंध और बादलों की ओट में छिपा रहा। 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटा की दक्षिण-पश्चिम हवाओं ने लोगों को ठंड का अहसास करा दिया।
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दिसंबर में यह सबसे ठंडा दिन था। न्यूनतम पारा 12 से 9 डिग्री पर आ गया। उधर, मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हैं। कुछ स्थानों पर बारिश के भी आसार हैं। फिलहाल कई दिन कमोवेश मौसम ऐसा ही रहेगा। तापमान में और गिरावट आ सकती है। सुबह-शाम कोहरा भी बढ़ेगा।
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गेहूं-चना में मुफीद, लाही-अरहर को नुकसान
कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. बीएन गुप्ता का कहना है कि कोहरा, बादल और बूंदाबांदी से रबी की उन फसलों को नुकसान पहुंच सकता है जिनमें फूल आ गया है। उदाहरण के लिए लाही व अरहर आदि। चना, गेहूं, अलसी, मसूर की फसल को फायदा होगा।