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शिशु की मौत मामले में एंबुलेंस कर्मी ईएमटी को क्लीनचिट
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बांदा। यहां से प्रयागराज जा रही 108 एंबुलेंस के स्पीड ब्रेकर में झटके से नवजात के डाली गई नली निकल जाने से हुई मृत्यु की घटना के जांच अधिकारी/एंबुलेंस कार्यक्रम प्रबंधक उमेश द्विवेदी ने एंबुलेंस ड्यूटी पर चल रहे कर्मी (ईएमटी) व चालक को क्लीनचिट दे दी। सीएमओ को दी रिपोर्ट में कहा है कि यह नली बाल्य रोग विशेषज्ञ ही लगाते हैं। एंबुलेंस कर्मी नहीं।
शुक्रवार को जन्मे शिशु को जिला महिला अस्पताल से रेफर करने पर बबेरू निवासी ओमप्रकाश और राजबहादुर लेकर प्रयागराज जा रहे थे। आरोप लगाया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन न मिलने से शिशु की मौत हो गई। एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी से कई बार कहा, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। चित्रकूट अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
‘अमर उजाला’ में यह खबर छपने पर सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक को जांच कर रिपोर्ट तलब की थी। कार्यक्रम प्रबंधक उमेश द्विवेदी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी नहीं थी।
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रफ्तार भी 50 से 60 किलोमीटर थी। शिशु की एंबु बैग नली निकल गई थी। इसे चाइल्ड स्पेशलिस्ट ही लगा सकते हैं। यह भी दावा किया कि अतर्रा के नजदीक ही शिशु की मृत्यु हो गई थी।
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शुक्रवार को जन्मे शिशु को जिला महिला अस्पताल से रेफर करने पर बबेरू निवासी ओमप्रकाश और राजबहादुर लेकर प्रयागराज जा रहे थे। आरोप लगाया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन न मिलने से शिशु की मौत हो गई। एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी से कई बार कहा, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। चित्रकूट अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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‘अमर उजाला’ में यह खबर छपने पर सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक को जांच कर रिपोर्ट तलब की थी। कार्यक्रम प्रबंधक उमेश द्विवेदी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी नहीं थी।
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रफ्तार भी 50 से 60 किलोमीटर थी। शिशु की एंबु बैग नली निकल गई थी। इसे चाइल्ड स्पेशलिस्ट ही लगा सकते हैं। यह भी दावा किया कि अतर्रा के नजदीक ही शिशु की मृत्यु हो गई थी।