फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Chitrakoot: Will recommend to the government for fisheries college

मत्स्य महाविद्यालय के लिए सरकार से करेंगे सिफारिश

Fri, 04 Nov 2022 12:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2022 12:50 AM IST
विज्ञापन
Chitrakoot: Will recommend to the government for fisheries college
किसान मेला में स्टॉल का जायजा लेते हमीरपुर विधायक और डीएम अनुराग पटेल आदि। - फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड पर केंद्र और प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान है। कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड में कृषि के लिए वरदान है। यहां मत्स्य महाविद्यालय शुरू कराने के लिए वह सरकार से सिफारिश करेंगे। यह बात किसान मेला में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कही। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की नसीहत दी।
विज्ञापन

गुरुवार से शुरू हुए तीन दिवसीय किसान मेला का उद्घाटन हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति ने किया। कहा कि बुंदेलखंड के किसान परिस्थिति के अनुसार खेती में बदलाव कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती में आयोजित किसान मेला किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। कहा कि कृषि वैज्ञानिक पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर तकनीक का विस्तार करें और किसानों को शिक्षित करें। किसानों को वैज्ञानिक बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
विज्ञापन

केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी कुलपति डॉ.एके सिंह ने कहा कि कई जिलों के किसान साल में चार फसलें ले रहे हैं। यहां इसकी पूरी संभावनाएं हैं। डॉ.एसके सिंह ने तकनीकी प्रसार का महत्व बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि कठिया गेहूं को एक जिला-एक उत्पाद में शामिल करने के लिए योजना बनाई जा रही है। मेले में लगे 120 स्टॉल का अतिथियों ने निरीक्षण किया। अध्यक्षता कुलपति प्रो.नरेंद्र प्रताप सिंह ने की। बुंदेलखंड विकास बोर्ड अध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल, ममता मिश्रा, डॉ.एसके सिंह, डॉ.बीके गुप्ता रहे। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ.सौरभ ने किया।

कृषि क्षेत्र को मजबूत बना रहे वैज्ञानिक
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा, शोध व प्रसार कार्य विश्वविद्यालय की प्रमुख गतिविधियां हैं। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और पलायन रोकने आदि पर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। बताया कि विश्वविद्यालय में दलहन और तिलहन के बीज उपलब्ध हैं। खेती के साथ पशुपालन पर भी ध्यान देना होगा। समाजसेवी उमाशंकर पांडेय ने जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी और किसानों को इसके लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed