फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   chitrakoot me goliya gunji, banda me baja alarm

चित्रकूट में गोलियां गूंजी, बांदा जेल में बजा अलार्म

Fri, 14 May 2021 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 11:46 PM IST
विज्ञापन
chitrakoot me goliya gunji, banda me baja alarm
बांदा। जिला जेल में बंदी सुबह ईद की खुशियां मना रहे थे, तभी अचानक जेल का सायरन गूंज उठा। बंदी रक्षक चौकन्ना हो गए और बंदी अपनी बैरकों के अंदर चले गए। कई बंदियों को खाना छोड़कर बैरक में भागना पड़ा। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और पंजाब आर्मरी लूटकांड के आरोपी व मुंबई के डी-2 गैंग के सुक्खा पाचा की बैरकों में कड़ा पहरा लगा दिया गया। सभी इस बात से हैरान थे कि आखिर हुआ क्या।
विज्ञापन

ये सब चित्रकूट जिले के रगौली जेल में गैंगवार की घटना से हुआ था। शुक्रवार को जेल में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी सहित तमाम बंदी ईद की खुशियां मना रहे थे। कुछ बंदी खाना खा रहे थे। इसी बीच जेल में अलार्म बज उठा। बंदी रक्षक अलर्ट मोड में आ गए। जेल प्रशासन ने आनन-फानन सभी बंदियों को उनकी बैरकों के अंदर कर दिया। एक-एक बंदी को बाहर निकालकर खाना दिया गया और फिर उन्हें बैरक पहुंचा दिया। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी सहित पंजाब आर्मरी लूट कांड के मास्टर माइंड व मुंबई की डी-2 गैंग के सुक्खा पाचा की बैरकों में बंदी रक्षकों का पहरा बढ़ा दिया गया। कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी व डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह ने जेल का भ्रमण कर जायजा लिया।
विज्ञापन

ईद की खुशी में जेल प्रशासन द्वारा शाम को दिए जा रहे सामूहिक भोज को भी टाल दिया गया। सीसीटीवी से शातिर बंदियों पर निगरानी तेज कर दी। बताया जा रहा कि चित्रकूट जेल में हुई गोलीबारी में मारे गए बंदी मेराजुद्दीन बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का गुर्गा रहा है। मेराजुद्दीन बनारस जेल से प्रशासनिक आधार पर चित्रकूट भेजा गया था। उधर, सभी बैरकों के बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए गए। पहले गेट से लेकर जेल के मुख्य गेट तक त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। जेल बाउंड्री की निगरानी के लिए पिकेट ड्यूटी लगाई गई है। यह लगातार गश्त कर रही है। जेल प्रशासन की अनुमति के बिना किसी को भी अंदर आने-जाने की इजाजत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

माननीयों व अपराधियों का ठिकाना रही है जेल
बांदा। पूर्व मंत्री व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भइया, प्रयागराज के पूर्व सांसद अतीक अहमद, शामली के विधायक सुरेश राणा, ग्रेटर नोएडा का खूंखार अपराधी अनिल दुजाना, हरियाणा का सिंहराज भाटी आदि दो दर्जन से अधिक पूर्वांचल के शार्प शूटर यहां जेल में रह चुके हैं। मौजूदा समय में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व पंजाब आर्मरी लूट कांड का आरोपी सुक्खा पाचा जेल में बंद है।
जेल में रह चुके बुंदेलखंड के खूंखार डकैत भी
बांदा। बांदा-चित्रकूट समेत मध्य प्रदेश के बीहड़ों में धाक जमाने वाले लगभग आधा सैकड़ा डकैत भी बांदा जेल की सलाखों के पीछे रहे हैं। दस्यु ददुआ गिरोह के राधे उर्फ सूबेदार सिंह, तहसीलदार उर्फ गोटर सिंह, रोहिणी सिंह, ठोकिया गिरोह के ज्ञान सिंह, संग्राम सिंह आदि शामिल हैं।
चित्रकूट की घटना के बाद सर्तकता बढ़ा दी गई है। हालांकि यहां पर इस तरह की घटना की कोई संभावना नहीं है। यहां के ज्यादातर अपराधी व डकैत अन्य जेलों में स्थानांतरित हो चुके हैं। फिर भी एहतियात बरती जा रही है। ईद पर सभी बंदियों को शाम के पूड़ी-सब्जी व खीर दी गई है।
- प्रमोद तिवारी, जेल अधीक्षक, बांदा
आखिर अंशू तक कैसे पहुुंची पिस्टल
जेल में तैनात बंदी रक्षकों और अन्य कर्मचारियों पर शक की सुई घूमी---सब हेड
नौ एमएम की पिस्टल का अंशू ने किया था प्रयोग
जिम्मेदार मौन, बस जांच करने की कह रहे बात
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिला जेेल रगौली में वर्तमान में छह सौ से ज्यादा बंदी है और इनकी सुरक्षा के लिए एक सैकड़ा से ज्यादा बंदी रक्षक तैनात हैं। जेल नियमों के अनुसार कोरोना काल में साधारण मामले में बंदी से मिलना तो आसान नहीं है, ऐसे में कुख्यात अपराधी अंशू दीक्षित के पास 9 एमएम मैग्जीन पिस्टल पहुंचना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। यह तो साफ है कि जेल में ही तैनात किसी सुरक्षाकर्मी या अन्य कर्मचारी का ही इसमेें हाथ है। अफसरों को भी इस बात का पूरा आभास है, लेकिन अभी सभी मौन हैं, बस जांच की बात कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
कोरोना काल में जब बंदियों से परिजनों या अन्य परिचितों की मिलाई नहीं हो रही तो आखिर किसने अंशू दीक्षित को पिस्टल दी, यह सवाल लोगों के मन में कौंध रहा है। दो माह से सीएम का पुतला फूंकने के मामले में जेल में बंद सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव समेत 12 सपाइयों से मिलने के लिए सपा सांसद विशंभर निषाद, विधायक मान सिंह, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल व पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल मिलने जा चुके हैं, लेकिन हर बार इन्हें जेल नियमों और कोरोना गाइडलाइन की बात कर मिलने से रोक दिया गया। बमुश्किल फोन से कुछ लोगों की बातचीत जरूर हो पाई है। जेल में बडे़ डाकू भी बंद हैं और उनसे मिलने आने वाले परिजनों की भी मुलाकात नहीं हो रही है।
ऐसे में कुख्यात अपराधियों तक लोग कैसे पहुंचे और पिस्टल किसने दी, बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, जेल के ही किसी कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी या अन्य कर्मचारी के माध्यम से पिस्टल पहुंचाई गई है। इसके बदले में क्या सौदा हुआ या क्या योजना थी, यह सब जांच रिपोर्ट के खुलासे के बाद सामने आयेगा। जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। जेल में पूरे नियमों का पालन कराया जाता है। चित्रकूटधाम मंडल के आईजी के. सत्यनारायणा ने कहा कि यह गंभीर मामला है, इसकी जांच जरूरी है। जांच में जो सच सामने आएगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
दो डिप्टी जेलर होम आइसोलेट
चित्रकूट। जिला जेल रगौली के जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी कोरोना संक्रमित होने पर लखनऊ में इलाज करा रहे थे। बुधवार की शाम ठीक होेने के बाद कार्यभार संभाला है। इसी बीच जेल में तैनात डिप्टी जेलर अरविंद कुमार व पीयूष पांडेय तीन चार दिन पहले से कोरोना संक्रमित होने की संभावना पर होम आइसोलेट हैं। जेल अधीक्षक के आने से पूर्व यहां का काम जेलर महेंद्र पाल और एक अन्य सहायक जेलर देख रहे थे। अचानक सभी बड़े अफसरों का छुट्टी पर जाना और फिर जेल में पिस्टल पहुंचना बेहद सुनियोजित लग रहा है। मामले की जांच करने पहुंचे डीआईजी जेल प्रयागराज पीएन पांडेय ने बताया कि गंभीरता से मामले की जांच कराई जा रही है। उच्चाधिकारियों को स्थानीय रिपोर्ट भेजी गई है। सभी से पूछताछ जारी है। (संवाद)
सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए
चित्रकूट। जिला जेल के अंदर अपराधी मेराजुद्दीन और मुकीम काला की गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अंशू दीक्षित के मामले में कई सवाल सामने आ रहे हैं। मौके पर पहुंचे मंडलायुक्त दिनेश सिंह, आईजी के. सत्यनारायणा, डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी अंकित मित्तल ने जेल परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज देखे हैं। दो हफ्ते के सभी फुटेज को सुरक्षित रखने को कहा गया है। (संवाद)
डाकुओं के बीच भी गैंगवार की आशंका
चित्रकूट। रगौली जेल में कुख्यात डाकू भी बंद है, जिसमें आपस में जेल के अंदर ही गैंगवार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सक ता है। जब जेल के बाहर डाकू रहे तो कई बार इनके बीच आपस में गैंगवार हो चुका है। रगौली जेल में कुख्यात डाकू राधे सहित गोप्पा बंद है। इसके साथ ही बबली गैंग के सदस्य भी बंद हैं। जिनक ी आपस में दुश्मनी बनी रहती है। जो एक दूसरे को मारने पीटने की धमकी भी देते रहते हैं। कई बार इनके परिजन आरोप लगा चुके हैं कि जेल के अंदर खतरा बना हुआ है। कभी जेल के अंदर गोली चल सकती है। (संवाद)
इंसेट---
चार साल पहले ही बनकर तैयार हुई जेल
चित्रकूट। जिले में चार साल पहले ही रंगौली जेल बनकर तैयार हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से इस जेल को अन्य जेलों से बेहतर माना जा रहा है। यह आधुनिक जेल है। जेल के अंदर कोई भी वारदात करना मुश्किल काम है। जेल की ऊंची दीवारों के कारण आज तक कोई कैदी भागा नहीं है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए पुलिस के जवान तैनात रहे हैं। (संवाद)
इंसेट---
अंशू दीक्षित ने ईद का ढूंढा था मौका
चित्रकूट। जिला जेल में हर दिन की तरह परेड हुई फिर बंदियों को गुड़ चना बांटा गया। इसी बीच हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद मेराजुद्दीन उर्फ मेराज और मुकीम काला ने परिसर में ईद की नमाज अदा की। इसके बाद सभी बंदियों ने उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। दोनों अपने-अपने बैरक की ओर जा रहे थे, इसी बीच अंशू दीक्षित ने दोनों को गोलियों से भून दिया। गोलियों की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी आए तो अंदर का नजारा देख सन्न रह गए। आखिरकार अंशू भी पुलिस मुठभेड़ में डेर कर दिया गया। (संवाद)
इंसेट---
घटना के बाद पुलिस छावनी बन गई थी जेल
चित्रकूट। सुबह लगभग दस बजे से लेकर साढे़ 11 बजे तक घटनाक्रम इतनी तेजी से घटित हुआ कि लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जेल के अंदर दो की हत्या और एक की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद जेल परिसर पुलिस छावनी बन गया। एक सैकड़ा से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे और बैरक समेत अन्य स्थल को घेर लिया। जेल परिसर के बाहर भी सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। (संवाद)
इंसेट---
पिस्टल से चली आठ गोलियां
चित्रकूट। अपराधी अंशू दीक्षित ने पिस्टल से 8 गोलियां चलाईं। पुलिस संग मुठभेड़ के दौरान उसने तीन फायर किए। दो-दो गोली मेराज अली व मुकीम काला को मारी। इसके पूर्व उसने बंदियों को धमकी देने के लिए एक हवाई फायरिंग भी किया था। किसको कितनी गोलियां लगीं और पिस्टल में कितनी गोलियां बचीं, इस बाबत एसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद पूरी जानकारी हो पाएगी। (संवाद)
इंसेट---
रातोंरात पोस्टमार्टम कराने की योजना
चित्रकूट। जिला जेल में दो बंदियों की गोली मारकर हत्या के बाद आरोपी बंदी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद तीनों शव देर शाम तक जेल परिसर से बाहर नहीं लाए गए थे। प्रयागराज के डीआईजी जेल पीएन पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के आने पर शव उन्हें सौंपे जाएंगे। इधर चर्चा है कि जिला प्रशासन किसी अन्य अनहोनी से बचने के लिए तीनों शव को रातों रात पोस्टमार्टम कराएगी। इसके लिए पोस्टमार्टम हाउस में पूरी तैयारी कर ली गई है। तीन डाक्टरों की टीम व वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाएगी। (संवाद)
इंसेट---
फोटो परिचय- जिला जेेल मेें घटना की जानकारी लेने पहुंचे सपा के पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल व अन्य ।
विपक्षियों ने सरकार को घेरा, बोले जंगलराज
चित्रकूट। जिला जेल में दो की हत्या और तीसरे की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद विपक्षियों ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कई ने तो यहां तक आरोप लगाए कि मर्डर व मुठभेड़ पहले से ही फिक्स थे। सपा के पूर्व विधायक वीर सिंह जिला जेल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। कहा कि जेल के अंदर यह हाल तो बाहर क्या होगा। जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल ने कहा कि भाजपा राज में कोई सुरक्षित नहीं है। जब जेल के अंदर ही हत्याएं हो रही हैं तो बाहर वालों को कौन बचाएगा। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने कहा कि योगी राज नहीं यह जंगल राज है। माकपा के कामरेड रुद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि घटना बड़ी साजिश समझ में आ रही है। आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से सुनियोजित मर्डर हैं। जिसमें अंशू के माध्यम से दो बंदियों को पहले मरवाया गया फिर पुलिस से मिलकर उसे भी मार गिराया गया है, ताकि सबूत मिट जाएं। बसपा के जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। (संवाद)

इंसेट---
बागपत और चित्रकूट की घटना में कई समानताएं
चित्रकूट। जुलाई 2018 की बागपत जेल में माफिया डान प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या और अब तीन साल बाद मई 2021 में चित्रकूट जेल में तीन खूंखार अपराधियों की मौत में काफी कुछ समानता मिलती है। दोनाें घटनाओं में जेल के अंदर असलहा पहुंचने और ताबड़तोड़ फायरिंग समान है। अंतर बस इतना है कि चित्रकूट जेल में एक साथ तीन अपराधियों की मौत अपने आप में अकेली घटना है। अभी तक यूपी की किसी जेल में एक साथ तीन की गोली लगने से मौत नहीं हुई है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed