रात की ठंड ने तोड़ा 25 साल का रिकार्ड
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शीतलहर और घने कोहरे से एक दिन में ही पारा तीन डिग्री सेल्सियस और लुढ़क गया। बुधवार को अधिकतम 19 और न्यूनतम 11 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। मंगलवार की रात न्यूनतम पारे ने 25 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। मौसम जानकारों के मुताबिक अभी कोहरे का कोहराम और सर्दी का सितम जारी रहेगा।
शीतलहर की वजह से अधिकतम व न्यूनतम पारा के बीच का अंतर 10 से भी कम हो गया है। सामान्यत: अधिकतम पारा न्यूनतम से 10 डिग्री ज्यादा रहता है। मौसम जानकारों के मुताबिक बुधवार को दिन में हवाओं का रुख बदलता रहा।
कभी उत्तर पश्चिम तो कभी दक्षिण पश्चिम हवा चलीं। हवा की रफ्तार लगभग 8.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मंगलवार की रात ठंड ने ऐसा रूप धारण किया कि 25 सालों का रिकार्ड टूट गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे पारा सामान्य रूप से 10 या 15 दिसंबर के बाद होता रहा है, लेकिन इस साल तीन दिन पहले ही गलन ने जोर पकड़ लिया। 1991 में 7 दिसंबर के पहले 19 डिग्री तक पारा गिरा था।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. पृथ्वीपाल सिंह ने बताया कि तापमान में अचानक गिरावट और कोहरा से फसलों में पाला का खतरा बढ़ गया है। आलू, सरसों, चना, मटर और अरहर की फसलों को नुकसान पहुंचाता है। खेतों की हल्की सिंचाई कर दी जाए या फिर मेड़ों के किनारे धुआं करने फसलों के लिए ज्यादा नुकसान नहीं होगा। किसान पोटाश का घोल बनाकर इसका भी छिड़काव कर सकते हैं। यह पाला से फसल को बचाने में कारगर है।