फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Chief Secretary angry over the flaws in the cowshed sites

गोवंश स्थलों में खामियों पर मुख्य सचिव खफा

Thu, 12 Aug 2021 11:00 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:00 PM IST
विज्ञापन
Chief Secretary angry over the flaws in the cowshed sites
बांदा। गोवंश आश्रय स्थलों में मिली तमाम खामियों को लेकर मुख्य सचिव (पशुपालन) ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने आश्रय स्थलों में सुधार के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

हाल ही में मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरेक जिले में नामित नोडल अधिकारियों ने गोशालाओं की हकीकत परखी थी। दस दिवसीय निरीक्षण के बाद शासन को सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी। गोशालाओं में जलभराव, गंदगी, क्षतिग्रस्त टिनशेड आदि अव्यवस्थाएं उजागर हुई थीं। नोडल अधिकारियों ने स्थायी/अस्थायी, वृहद गो संरक्षण केंद्र, कान्हा गोशाला, कांजी हाउस में व्यवस्थाएं देखी थीं।
विज्ञापन

उन्हें कीचड़ से सने गोवंश, सूखा भूखा, टूटी चरही, बाउंड्रीविहीन आश्रय स्थल मिले थे। नोडल अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव (पशुपालन) को भेजी थी। मुख्य सचिव ने कमिश्नर व जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर नाराजगी जाहिर की है। निर्देश दिए कि बारिश में गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं का सही रख-रखाव व देखभाल न होने से गोवंशों की काफी हानि हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आश्रय स्थलों में गोवंशों को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने, जलभराव की स्थिति पर मिट्टी डलवाने या खड़ंजा लगवाने, जल निकासी, पशुओं के बैठने के लिए टिनशेड व तिरपाल आदि व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। संरक्षित गोवंशों को कृमिनाशक दवा अनिवार्य रूप से दी जाए। बीमार पशुओं का प्राथमिकता के साथ इलाज व साफ पीने का पानी समेत फर्श व चरही की नियमित सफाई कराने को कहा।
मच्छर/मक्खी का प्रकोप को रोकने के लिए दवाओं को छिड़काव किया जाए। संरक्षित भूसा/पशु आहार को वर्षा से बचाने, पौधरोपण, बैरिकेडिंग आदि की भी व्यवस्था हो। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण व चिकित्सा की व्यवस्था कराने के भी मुख्य सचिव (पशुपालन) ने निर्देश दिए हैं।

डीएपीआरओ, बीडीओ, पालिका व नगर पंचायतों के ईओ को निर्देश दिए गए कि गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशों को बरसात से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। कोई भी पशु बरसात के मौसम में भूख, चिकित्सा और पानी में भीगने के कारण मरता है तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- आनंद कुमार सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed