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Banda News: खूब बदले ठिकाने...10 साल तक नाबालिगों की जिंदगियों से खेला
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फांसी- 1-- -- -- -- -- -- -- -- -
फाेटो 10- यौन शोषण का दोषी जेई व उसकी पत्नी दुर्गावती।
-घिनौने कृत्य में पग-पग शामिल रही जेई की पत्नी दुर्गावती, इंंटरपोल से सीबीआई तक पहुंचा था मामला
-सीबीआई को तलाशी के दौरान मिले थे उसके घर से आठ लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। एक या दो साल नहीं पूरे 10 साल तक जेई ने ठिकाना बदल-बदलकर नाबालिगों के साथ यौन शोषण किया था। इस बुरे काम में उसका पग-पग साथ उसकी पत्नी ने दिया था। दोनों पति-पत्नी इतने शातिर थे कि वह यह घिनौना काम किराये के मकान बदल-बदल कर करते थे। दुर्गावती मोहल्ले की महिलाओं से बच्चा न होने की सहानुभूति लेती थी और उसकी आड़ में मोहल्ले के नाबालिग लड़कों को वीडियो गेम और अन्य लालच देकर घर बुलाकर बुरा काम करते थे।
सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह ने बताया कि इंटरपोल ने 17 अक्टूबर 2020 को सीबीआई को जानकारी दी थी। इसमें 34 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और 679 फोटो वाली पेनड्राइव थी। सीबीआई ने 31 अक्तूबर 2020 में दिल्ली में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। धारा सिंह के अनुसार जांच में पाया गया कि निलंबित जेई रामभवन एक या दो साल से नहीं बल्कि पूरे 10 साल से बालकों के यौन शोषण में लिप्त था। वह बच्चों के साथ किए गए अप्राकृतिक कृत्य के वीडियो को बनाकर दूसरे देशों में भेज रहा था।
पूरे मामले को जब सीबीआई ने खंगाला तो पता चला कि यह दोषी अपनी पत्नी के साथ मिलकर आवास बदल-बदलकर बालकों का यौन शोषण कर रहा था। सीबीआई ने काफी जद्दोजहद के बाद पीड़ित बालकों को भी खोज निकाला और जेई रामभवन को भी गिरफ्तार किया। धारा सिंह ने बताया कि जेई को जब गिरफ्तार किया गया तो उसके पास आठ लाख रुपये मिले थे। बताया जा रहा है कि यह आठ लाख रुपये वीडियो के एवज में उसे मिले थे। यह आठ लाख रुपये सीबीआई ने राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कराए थे। न्यायालय ने अपने आदेश में इस धनराशि को राज्य के पक्ष में जब्त करते हुए पीड़ित बालकों को बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया है।
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पांच करोड़ का निर्माणाधीन पांच मंजिला बंगला अधूरा पड़ा
शातिर जेई रामभवन अपनी काली कमाई से बांदा शहर के मोहल्ला गुलाब नगर में पांच करोड़ की लागत से पांच मंजिला बंगला बनवा रहा था। हालांकि सीबीआई की गिरफ्त में आने के बाद नवंबर 2020 में निर्माणाधीन मकान का निर्माण रुक गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान पर लाखों रुपये लगाने के बाद एक मंजिल निर्माण पूरा हो चुका था। निर्माण कार्य ससुराल पक्ष के एक रिश्तेदार की देखरेख में कराया जा रहा था। सीबीआई अफसर धारा सिंह का कहना है कि निर्माणाधीन मकान का निर्माण गिरफ्तारी के बाद रुकवा दिया था।
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फाेटो 10- यौन शोषण का दोषी जेई व उसकी पत्नी दुर्गावती।
-घिनौने कृत्य में पग-पग शामिल रही जेई की पत्नी दुर्गावती, इंंटरपोल से सीबीआई तक पहुंचा था मामला
-सीबीआई को तलाशी के दौरान मिले थे उसके घर से आठ लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। एक या दो साल नहीं पूरे 10 साल तक जेई ने ठिकाना बदल-बदलकर नाबालिगों के साथ यौन शोषण किया था। इस बुरे काम में उसका पग-पग साथ उसकी पत्नी ने दिया था। दोनों पति-पत्नी इतने शातिर थे कि वह यह घिनौना काम किराये के मकान बदल-बदल कर करते थे। दुर्गावती मोहल्ले की महिलाओं से बच्चा न होने की सहानुभूति लेती थी और उसकी आड़ में मोहल्ले के नाबालिग लड़कों को वीडियो गेम और अन्य लालच देकर घर बुलाकर बुरा काम करते थे।
सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह ने बताया कि इंटरपोल ने 17 अक्टूबर 2020 को सीबीआई को जानकारी दी थी। इसमें 34 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और 679 फोटो वाली पेनड्राइव थी। सीबीआई ने 31 अक्तूबर 2020 में दिल्ली में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। धारा सिंह के अनुसार जांच में पाया गया कि निलंबित जेई रामभवन एक या दो साल से नहीं बल्कि पूरे 10 साल से बालकों के यौन शोषण में लिप्त था। वह बच्चों के साथ किए गए अप्राकृतिक कृत्य के वीडियो को बनाकर दूसरे देशों में भेज रहा था।
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पूरे मामले को जब सीबीआई ने खंगाला तो पता चला कि यह दोषी अपनी पत्नी के साथ मिलकर आवास बदल-बदलकर बालकों का यौन शोषण कर रहा था। सीबीआई ने काफी जद्दोजहद के बाद पीड़ित बालकों को भी खोज निकाला और जेई रामभवन को भी गिरफ्तार किया। धारा सिंह ने बताया कि जेई को जब गिरफ्तार किया गया तो उसके पास आठ लाख रुपये मिले थे। बताया जा रहा है कि यह आठ लाख रुपये वीडियो के एवज में उसे मिले थे। यह आठ लाख रुपये सीबीआई ने राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कराए थे। न्यायालय ने अपने आदेश में इस धनराशि को राज्य के पक्ष में जब्त करते हुए पीड़ित बालकों को बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया है।
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पांच करोड़ का निर्माणाधीन पांच मंजिला बंगला अधूरा पड़ा
शातिर जेई रामभवन अपनी काली कमाई से बांदा शहर के मोहल्ला गुलाब नगर में पांच करोड़ की लागत से पांच मंजिला बंगला बनवा रहा था। हालांकि सीबीआई की गिरफ्त में आने के बाद नवंबर 2020 में निर्माणाधीन मकान का निर्माण रुक गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान पर लाखों रुपये लगाने के बाद एक मंजिल निर्माण पूरा हो चुका था। निर्माण कार्य ससुराल पक्ष के एक रिश्तेदार की देखरेख में कराया जा रहा था। सीबीआई अफसर धारा सिंह का कहना है कि निर्माणाधीन मकान का निर्माण गिरफ्तारी के बाद रुकवा दिया था।