{"_id":"5a53b7394f1c1b37198b5a6c","slug":"central-team-looking-at-the-city-s-cleanliness-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की सफाई व्यवस्था देखने आई केंद्रीय टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की सफाई व्यवस्था देखने आई केंद्रीय टीम
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
Updated Mon, 08 Jan 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
सफाई संसाधनों की जानकारी लेती केंद्रीय टीम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। शहर की स्वच्छता परखने के लिए केंद्रीय टीम तीन दिवसीय भ्रमण पर सोमवार को आ गई। नगर पालिका में सफाई व्यवस्थाओं से संबंधित दस्तावेज लिए और नगर में भ्रमण कर सफाई देखी। शहर को चार भागों में बांटकर लगभग 200 लोगों से सफाई और व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। 4041 शहरों में बांदा को श्रेष्ठ बनाने के लिए नगर पालिका कर्मी कड़ी मशक्कत करते रहे।
विज्ञापन
वरिष्ठ जांचकर्ता अधिकारी विनय श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने नगर पालिका आकर सफाई संसाधनों और कचरा डंपिंग समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही अभिलेखों की प्रतियां हासिल कीं। फील्ड अधिकारी जयेंद्र यादव और जूनियर जांचकर्ता शैलेंद्र सिंह ने शहर में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
विज्ञापन
अलग-अलग मोहल्लों के 50-50 लोगों से सफाई के बारे में पड़ताल की। दिल्ली से आए वरिष्ठ अधिकारी विनय श्रीवास्तव ने बताया कि स्वच्छता संबंधी 44 बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इनमें कचरे का उठान, डोर-टू-डोर कलेक्शन, दो बार सफाई और बाजार बंद होने के झाड़ू लगने की व्यवस्था, खुले में शौच आदि महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। तीन दिन तक वह इसकी व्यवस्था देखेंगे और संबंधित विभाग को रिपोर्ट देंगे।
विज्ञापन
इस बार स्वच्छता रैंकिंग में 4041 शहर शामिल हैं। बेहतर सफाई पर श्रेष्ठता का दर्जा मिलेगा। इस अवसर पर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संतोष मिश्रा, सफाई निरीक्षक हरीशंकर निरंजन आदि मौजूद रहे। उधर, केंद्रीय टीम के समक्ष श्रेष्ठ साबित करने के लिए नगर पालिका ने कोई कसर बाकी नहीं रखी। कूड़ा स्थलों पर सफाई नायकों को तैनात किया गया था। जिससे कोई गंदगी नहीं कर सके। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के अलावा दिनभर सफाई कर्मी झाड़ू लगाकर सड़कों को चमकाने में जुटे रहे।
सफाई में 385वें स्थान पर था शहर
बांदा (ब्यूरो)। दिल्ली से आए वरिष्ठ जांचकर्ता अधिकारी विनय श्रीवास्तव ने बताया कि पिछली बार के सर्वे में 434 में बांदा शहर 385वें स्थान पर रहा। नंबर-एक पर इंदौर और आखिरी स्थान पर गोंडा था। ईओ संतोष मिश्रा ने कहा कि अबकी रैंकिंग में सुधार होगा। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए पालिका कर्मी रात-दिन एक किए हैं। कूड़ा प्रबंधन की हटेटी पुरवा में व्यवस्था की गई है। गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना का भी प्रावधान किया जा रहा है। सफाई नायकों को भी स्वच्छता में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।
सफाई पर पालिका ने ठिकाने लगाए 1.19 करोड़
बांदा (ब्यूरो)। पिछले वर्ष सफाई व्यवस्था में नगर पालिका ने 1 करोड़ 19 लाख 51 हजार रुपये ठिकाने लगा दिए थे। वित्तीय प्रभारी ने बताया कि नगर पालिका में 84 स्थायी, 208 संविदा और 180 आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी सफाई व्यवस्था में लगे हैं। वर्ष 2016-17 में सफाई व्यवस्था पर 1.19 करोड़ बजट खर्च हो गया था। इसमें वेतन समेत चूना (कलई), वाहनों की रिपेयरिंग, डीजल खर्च आदि शामिल है।