{"_id":"5bf5a536bdec22233165ed6e","slug":"celebrating-the-prophet-s-celebration-with-the-celebration","type":"story","status":"publish","title_hn":"जश्न के साथ मनाया गया पैगंबर का यौमे विलादत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जश्न के साथ मनाया गया पैगंबर का यौमे विलादत
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
जुलूसे मोहम्मदी में हरे परचम का नजारा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस्लाम के संस्थापक पैगंबर हजरत मोहम्मद का यौमे विलादत (जन्मदिन) परंपरा और जोश-खरोश से मनाया गया। इसके लिए मंगलवार को पूर्व संध्या से ही तैयारियां कर ली गई थीं। इस्लामी कैलेंडर के तीसरे माह रबिअव्वल की 12वीं तारीख को जश्ने ईद मीलाद मनाई जाती है। मुख्य आयोजन बांदा शहर में निकला जुलूसे मोहम्मदी रहा। सौहार्द और कौमी एकता की परंपरा को बरकरार रखते हुए आयोजन हुए।
विज्ञापन
पूर्व संध्या से ही शहर के मुस्लिम इलाकों में बिजली सजावट की गई थी। रातभर नाते और कव्वालियां गूंजीं। बुधवार को दोपहर से शहर के विभिन्न मोहल्लों के जुलूस कालवनगंज कोतवाली रोड स्थित खानकाह दरगाह के सामने इकट्ठा हुए।
विज्ञापन
यहां तीसरे पहर शहर काजी अकील मियां, जश्ने ईद मीलाद कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद शोएब, हाजी गुलाम मुस्तफा, मोहम्मद अयूब, इमरान अली राजू, हाजी जाहिद अली, मोहम्मद अजीज उर्फ रज्जन, बिजली कर्मचारी नेता मोहम्मद सुभान, चौधरी साबिर राइन, हस्सान मसूदी, नवाब मसूदी, मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अब्दुल वहीद, वार्ड सदस्य लल्लू खां, मोहम्मद आजम, मोहम्मद जमाल, शाहिद निजामी और गुलफाम आदि ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया।
विज्ञापन
छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, छावनी, गूलरनाका, अलीगंज, अमर टाकीज तिराहा आदि सड़कों से जुलूस गुजरा। इन रास्तों में बिजली और झंडे-झंडियों की खास सजावट की गई थी। भारी-भरकम और छोटे-बड़े सैकड़ों हरे परचम और विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। जगह-जगह झाकियों को पुरस्कृत किया गया। विभिन्न मोहल्लों के युवक और बच्चे अपने खास पोशाक में शामिल थे। बाजे-गाजे और डीजे के बीच नाते और कव्वालियां और इस्लामी नारे गूंजते रहे। देर रात अलीगंज पुलिस चौकी चौराहे पर स्थानीय कमेटी के तत्वावधान में सलाम पेश किया गया। रायफल क्लब में आतिशबाजी का प्रदर्शन हुआ। इसी के साथ जुलूस का समापन हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस में पूरे समय 12 इंसपेक्टर, 20 सब इंसपेक्टर, 95 कांस्टेबल और 50 रिक्रूट जवान तैनात किए गए थे। ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रही।
हरे परचमों के साथ तिरंगे ने बढ़ाई जुलूस की शान
बांदा। सारी दुनिया को इंसानियत और अपने मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देने वाले हजरत मोहम्मद के जन्मदिन पर निकाले गए जुलूस में भी यही संदेश दिया गया। हजारों की संख्या वाले जुलूस में एक तरफ जहां हरे इस्लामी परचम लहरा रहे थे तो उन्हीं के साथ देश का तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज अपनी अलग शान बिखेर रहा था। खास लिबास और पगड़ी वाले युवा पूरे समय आन-बान-शान के साथ तिरंगा लहराते रहे और %सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ का पैगाम देते रहे। तिरंगाधारी युवाओं की टीम कालवनगंज (छिपटहरी) की थी। अन्य मोहल्लों के जत्थों में भी तिरंगे शामिल रहे।
मरीजों को फल बांटकर की सेहत की दुआ
बांदा। पैगंबर के जन्मदिन पर कई जगह जलसे और लंगर हुए। उधर, खाईंपार की अलफलाह कमेटी व मीडिया से जुड़े लोगों ने जिला और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को फल, बिस्किट और दूध के पैकेट बांटे। मरीजों को जल्दी सेहतयाद होने की दुआ की। अलफलाह कमेटी के अरशद खां सहित मौलाना गफूर, राशिद फारुकी, यासीन फारूकी, नायाब अहमद, शोएब, फारुक सिद्दीकी, नौशाद, आदिल, खुर्शीद, कामरान, अजमेरी आदि शामिल रहे।