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गोशालाओं से मवेशी नदारद, न शेड न भूसा
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बांदा। शासन के निर्देश पर पिछले दिनों रात में गोशालाओं की हकीकत देखने निकले अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में अस्थायी गोशालाएं गोवंशों से खाली मिलीं। उनकी छाया की भी व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
हाल ही में चित्रकूटधाम मंडल की 332 गोशालाओं का अधिकारियों ने रात में निरीक्षण किया था। ज्यादातर गोशालाओं में मवेशी नहीं मिले। सर्दियों में बनाए गए शेड की पॉलिथीन गायब और बांस-बल्लियां टूटीं मिलीं। भूसा भी नहीं मिला। प्रधानों ने अधिकारियों को अपनी दी सफाई में कहा कि फसल कटाई के बाद मवेशियों को चरने के लिए छोड़ दिया गया है।
फसलों की बुआई के दौरान इन्हें पुन: संरक्षित कर लिया जाएगा, जबकि शासन के निर्देश हैं कि गोशालाओं के मवेशियों को अन्ना नहीं छोड़ा जाएगा। मवेशियों को चरने के लिए चरवाहे की मदद से खेतों में भेजा जाएगा और शाम को वापस गोशाला में बंद कर दिया जाएगा, लेकिन ग्राम पंचायतें इसका अनुपालन नहीं कर रही है। 80 फीसदी ग्राम पंचायतों के पास चरवाहे नहीं है।
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उप निदेशक पशुपालन मनोज कुमार ने बताया कि गोशालाओं के निरीक्षण की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उधर, आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतों में संचालित गोशालाओं को पशुओं को अन्ना नहीं छोड़ा जाएगा। गोशालाओं में मवेशियों को गर्मी से बचाने व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था कराई जाए। लापरवाही बरतने वाले प्रधान व सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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हाल ही में चित्रकूटधाम मंडल की 332 गोशालाओं का अधिकारियों ने रात में निरीक्षण किया था। ज्यादातर गोशालाओं में मवेशी नहीं मिले। सर्दियों में बनाए गए शेड की पॉलिथीन गायब और बांस-बल्लियां टूटीं मिलीं। भूसा भी नहीं मिला। प्रधानों ने अधिकारियों को अपनी दी सफाई में कहा कि फसल कटाई के बाद मवेशियों को चरने के लिए छोड़ दिया गया है।
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फसलों की बुआई के दौरान इन्हें पुन: संरक्षित कर लिया जाएगा, जबकि शासन के निर्देश हैं कि गोशालाओं के मवेशियों को अन्ना नहीं छोड़ा जाएगा। मवेशियों को चरने के लिए चरवाहे की मदद से खेतों में भेजा जाएगा और शाम को वापस गोशाला में बंद कर दिया जाएगा, लेकिन ग्राम पंचायतें इसका अनुपालन नहीं कर रही है। 80 फीसदी ग्राम पंचायतों के पास चरवाहे नहीं है।
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उप निदेशक पशुपालन मनोज कुमार ने बताया कि गोशालाओं के निरीक्षण की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उधर, आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतों में संचालित गोशालाओं को पशुओं को अन्ना नहीं छोड़ा जाएगा। गोशालाओं में मवेशियों को गर्मी से बचाने व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था कराई जाए। लापरवाही बरतने वाले प्रधान व सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।