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गांवों में प्लास्टिक, पॉलिथीन इकट्ठा करने की मुहिम शुरू
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बांदा। मंडलायुक्त दिनेश सिंह ने गांवों को शहरों की तरह स्वच्छ रखने के लिए गांवों में प्लास्टिक बैंक बनाकर प्लास्टिक व पॉलिथीन को एकत्र करने की शुक्रवार से मुहिम शुरू की है। उनका कहना है कि इसे बेचकर मिलने वाले पैसे से गांवों का विकास कराया जाएगा।
19 जून तक चित्रकूटधाम मंडल की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की सहभागिता से प्लास्टिक, पॉलिथीन इकट्ठा करने का वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रधानों से भी कहा गया है कि वे प्लास्टिक इकट्ठा करने में सहयोग करें। सभी लोग गांव को साफ, स्वच्छ व सुंदर बनाने की शपथ लेंगे। जिला स्तर पर डीपीआरओ व ब्लॉक स्तर बीडीओ नोडल हैं।
सफाई कर्मचारियों की कमी आ रही आड़े
जसपुरा ब्लॉक के गलौली ग्राम प्रधान बृजेंद्र सिंह का कहना है कि गांवों में सफाई कर्मचारियों की कमी है। तीन हजार की आबादी में महज एक सफाई कर्मचारी है। प्लास्टिक मुक्त गांव के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। तिंदवारी ब्लॉक की पिपरगवां प्रधान आशा देवी का कहना है कि तीन हजार की आबादी में एक सफाई कर्मचारी है। जो गांवों को पूरी तरह से स्वच्छ नहीं रख पा रहा है।
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वासिलपुर ग्राम प्रधान राम किशोर का कहना है कि सफाई कर्मचारियों व संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। गांवों में वाल पेटिंग कराई जा रही है कि निष्यप्रयोज्य प्लास्टिक व पॉलिथीन बैंक में जमा करें।
महुआ के बहेरी प्रधान अमर सिंह व बडेहा प्रधान प्रदीप द्विवेदी का कहना है कि अभियान की सफलता के लिए खुद ग्रामीण आगे आ रहे हैं। डीपीआरओ का कहना है कि प्लास्टिक व पॉलिथीन पर्यावरण व जमीन के लिए हानिकारक हैं। जिले को इससे मुक्त किया जाएगा।
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19 जून तक चित्रकूटधाम मंडल की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की सहभागिता से प्लास्टिक, पॉलिथीन इकट्ठा करने का वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रधानों से भी कहा गया है कि वे प्लास्टिक इकट्ठा करने में सहयोग करें। सभी लोग गांव को साफ, स्वच्छ व सुंदर बनाने की शपथ लेंगे। जिला स्तर पर डीपीआरओ व ब्लॉक स्तर बीडीओ नोडल हैं।
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सफाई कर्मचारियों की कमी आ रही आड़े
जसपुरा ब्लॉक के गलौली ग्राम प्रधान बृजेंद्र सिंह का कहना है कि गांवों में सफाई कर्मचारियों की कमी है। तीन हजार की आबादी में महज एक सफाई कर्मचारी है। प्लास्टिक मुक्त गांव के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। तिंदवारी ब्लॉक की पिपरगवां प्रधान आशा देवी का कहना है कि तीन हजार की आबादी में एक सफाई कर्मचारी है। जो गांवों को पूरी तरह से स्वच्छ नहीं रख पा रहा है।
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वासिलपुर ग्राम प्रधान राम किशोर का कहना है कि सफाई कर्मचारियों व संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। गांवों में वाल पेटिंग कराई जा रही है कि निष्यप्रयोज्य प्लास्टिक व पॉलिथीन बैंक में जमा करें।
महुआ के बहेरी प्रधान अमर सिंह व बडेहा प्रधान प्रदीप द्विवेदी का कहना है कि अभियान की सफलता के लिए खुद ग्रामीण आगे आ रहे हैं। डीपीआरओ का कहना है कि प्लास्टिक व पॉलिथीन पर्यावरण व जमीन के लिए हानिकारक हैं। जिले को इससे मुक्त किया जाएगा।