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बुंदेलखंड : कोरोना एक फीसदी, दहशत 100 प्रतिशत

Mon, 10 May 2021 10:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 May 2021 10:49 PM IST
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bundelkhand me korona ek feesdi
बांदा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भले ही संक्रमित मरीजों और मौतों से कोहराम मचा हो, लेकिन पथरीली बुंदेलखंड की धरती पर यह वायरस अभी भी बुंदेलियों पर कुछ खास शिकंजा नहीं कस सका है। बुंदेलखंड के आंकड़े बताते हैं कि एक फीसदी भी बुंदेलखंडी कोरोना से संक्रमित नहीं हुए हैं। मौतों का ग्राफ भी मात्र एक फीसदी है। इसके बाद भी लोगों में दहशत 100 प्रतिशत है।
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पूरे देश और प्रदेश में कोरोना संक्रमण का कोहराम सबसे ज्यादा मचा हुआ है। बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। कुछ जान भी गवां हो रहे हैं। दूसरी लहर पहले की अपेक्षा ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। चौतरफा दहशत का माहौल है, लेकिन कई दृष्टि से पिछड़ा कहे जाने वाले बुंदेलखंड की बात कुछ अलग है। स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आंकड़े इसके गवाह हैं। इन आंकड़ों ने यह साबित किया है कि बुंदेलखंड में भले ही दहशत 100 फीसदी हो, लेकिन कोरोना संक्रमण का असर एक फीसदी भी नहीं है।
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बुंदेलखंड के सातों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर की आबादी का आंकड़ा एक करोड़ से ऊपर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 78 हजार बुंदेली ही कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के तीन दिन पूर्व जारी आंकड़ों में सातों जिलों में संक्रमितों की कुल संख्या 78,087 है। सातों जनपदों की कुल आबादी का यह एक फीसदी भी नहीं है। लगभग 0.78 प्रतिशत लोग ही संक्रमित हुए हैं।
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बुंदेलखंड में अब तक कोरोना की स्थिति-
जनपद संक्रमित स्वस्थ मौत सक्रिय मरीज
बांदा 10027 8285 123 1619
चित्रकूट 6299 5018 58 1223
हमीरपुर 4820 3509 64 1247
महोबा 3874 2847 37 990
जालौन 9441 7311 144 1986
झांसी 32150 24806 363 6981
ललितपुर 11476 8950 87 2439
योग 78087 60726 876 16485
बुंदेलखंड में मौत मात्र एक फीसदी
बांदा। कोरोना से पूरे देश-प्रदेश में रोजाना में बड़ी संख्या में मौतों की खबर आ रहीं हैं। उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े 15 हजार मौतें हो चुकीं हैं, लेकिन बुंदेलखंड में सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक अब तक मात्र 876 मौतें हुईं हैं। कुल संक्रमितों का यह मात्र करीब एक फीसदी मौत है।
77 फीसदी बुंदेलियों ने जीती जंग
बांदा। बुंदेलखंड में संक्रमितों के इलाज को लेकर पर्याप्त संसाधन न होने और अव्यवस्थाओं के बावजूद 77 फीसदी से ज्यादा संक्रमित मरीज कोरोना की जंग जीतने में सफल रहे हैं। सरकारी आंकड़ाें के मुताबिक, अब तक संक्रमित हुए कुल 78,087 लोगाें में 60,726 स्वस्थ हो चुके हैं। (संवाद)
झांसी को ज्यादा झटका
बांदा। कोरोना का कहर बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा झांसी में टूट रहा है। यहां अब तक 32,150 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। सर्वाधिक 363 मौतें भी यहीं हुईं हैं। 6,981 लोग अभी भी उबर नहीं पाए हैं। उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, 24,806 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। ये सरकारी आंकड़े सात मई तक के हैं। (संवाद)
चित्रकूटधाम मंडल में बांदा अव्वल
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में कोरोना संक्रमण का शिकंजा सबसे ज्यादा बांदा में है। चारों जिलों में यहां सबसे ज्यादा संक्रमित हुए और मौतें भी सर्वाधिक हुईं। आंकड़ाें के मुताबिक, यहां 10 हजार से ज्यादा लोग कोरोना की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें करीब साढ़े आठ हजार इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। अलबत्ता 123 मरीज मौत को मात नहीं दे पाए और चल बसे। अभी भी यहां 1,600 से ज्यादा सक्रिय मरीज हैं। (संवाद)
अभी 20 फीसदी सक्रिय मरीज
बांदा। कोरोना की गिरफ्त में आने के बाद 80 फीसदी बुंदेली इस जानलेवा मर्ज को मात दे चुके हैं। मौजूदा में करीब 20 फीसदी सक्रिय मरीज हैं। झांसी में सबसे ज्यादा 6,981 मरीज इस वायरस से अभी जंग लड़ रहे हैं। बांदा में इनकी तादाद 1,600 से ज्यादा है। (संवाद)
चित्रकूटधाम मंडल में मई में घटा कोरोना
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल आयुक्त दिनेश कुमार सिंह ने दावा किया कि मई माह में कोरोना संक्रमण में कमी आई है। आयुक्त ने एक मई से 10 मई तक के आंकड़ों का हवाला दिया है। आयुक्त ने कहा कि चित्रकूटधाम मंडल में एक मई को 5,486, दो मई को 5,371, तीन मई को 5,245, चार मई को 5,216, पांच मई को 5,224, छह मई को 5,247, सात मई को 5,045, आठ मई को 5,111, नौ मई को 4,885 और 10 मई को 4,311 संक्रमित मिले हैं। बांदा में 1,309, चित्रकूट में 1,262, हमीरपुर 680 और महोबा में 654 होम आइसोलेशन में हैं। शेष का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मंडलायुक्त ने दावा किया कि संक्रमितों को घरों पर दवा पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को पर्याप्त दवाओं की किट दी गई हैं। यह भी कहा कि मंडल में कोरोना मरीजों के लिए 49 एंबुलेंस लगाईं गईं हैं। होम आइसोलेशन वाले मरीज तबीयत बिगड़ने पर इन्हें काल करके बुला सकते हैं। (संवाद)

तीन मरीजों से बात करने पर खुली पोल
बांदा। गांवों में लक्षण युक्त मरीजों के आईसीसीसी और आरआरटी टीमों द्वारा किए जा रहे सर्वे की पोल खुलने पर मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांदा और चित्रकूट के डीएम को दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश देकर कंट्रोल रूम प्रभारियों से जवाब तलब करने को कहा है। सोमवार को दोनों जिलों के डीएम को जारी पत्र में आयुक्त ने यूनीसेफ द्वारा दिए गए फीडबैक और बांदा व चित्रकूट के तीन मरीजों से हुई आयुक्त की बातचीत का हवाला दिया गया है। चित्रकूट का व्यक्ति चार मई से पॉजिटिव है। उसको कोई दवा देने नहीं गया। पांच दिन तक आरआरटी टीम नहीं गई। न ही गांव की आशा का पता है। कंट्रोल रूम भी बेपरवाह रहा। इसी तरह दिल्ली से अतर्रा आए पॉजिटिव मरीज के घर भी कोई नहीं पहुंचा। तीन दिन वह खुद अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने पर्चा थमाकर बाहर से दवा खरीदने को कहा। मरीज ने बाहर से दवा खरीदी। इस मरीज के घर न आशा पहुंची और न आरआरटी टीम। आयुक्त ने एकल मरीज के बारे में बताया कि पांच मई को आई पॉजिटिव रिपोर्ट की सूचना सात मई को दी गई। आज तक कोई दवा नहीं दी गई। टीम भी नहीं पहुंची। कंट्रोल रूम ने भी कुछ नहीं किया। आयुक्त ने डीएम से कहा कि इससे जाहिर है कि आईसीसीसी और आरआरटी टीमें सिर्फ खानापूरी कर रही हैं। आशा को भी नहीं पता होता कि गांव में कौन पॉजिटिव है। यह स्थिति हरगिज स्वीकार नहीं की जा सकती। आयुक्त ने निर्देश दिए कि अगले दिन से ऐसी स्थितियां न होने पाएं। लापरवाही और कंट्रोल रूम से जवाब तलब करेंगे। (संवाद)
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