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मंडल की 318 पाइप्ड पेयजल योजनाओं को केंद्र ने रोका बजट

Sun, 28 Jul 2019 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 11:45 PM IST
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Budget 318 piped drinking water schemes stopped by the Center
खप्टिहा कलां पेयजल योजना की शोपीस बनी टंकी। - फोटो : BANDA
बांदा। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत चित्रकूटधाम मंडल में चल रहीं पाइप्ड पेयजल परियोजनाओं के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने इनके रखरखाव के लिए दिए जाने वाले बजट पर ब्रेक लगा रखा है। ऐसे में चारों जिलों में चल रही 318 पाइप पेयजल परियोजनाओं के ठप होने का अंदेशा है। इनमें कई परियोजनाएं बंद भी हैं। इसके अलावा कई ऐसी हैं जो क्षमता के मुताबिक जलापूर्ति नहीं कर पा रहीं हैं।
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राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत मंडल के सैकड़ों गांवों में पाइप पेयजल परियोजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है। ये परियोजनाएं जल निगम या जल संस्थान ने तैयार की थीं। इनके रखरखाव, मरम्मत तथा पुनर्गठन आदि के लिए भारत सरकार पैसा देती रही है, लेकिन कई वर्षों से केंद्र सरकार ने हाथ खींच लिए हैं। इन परियोजनाओं के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा।
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इसका खुलासा शुक्रवार को विधान परिषद में हुआ। विधान परिषद सदस्य सुरेश कुमार त्रिपाठी द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न (संख्या-22) के लिखित उत्तर में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्व में बनाई गई पाइप पेयजल योजनाओं के रखरखाव/पुनर्गठन को भारत सरकार से धनराशि नहीं मिल रही। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराए जाने की कार्य योजना बनाई गई है।
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292 पेयजल परियोजनाएं चालू, 26 ठप
ग्राम्य विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेंद्र सिंह ने विधान परिषद में दी जानकारी में बताया कि चित्रकूटधाम मंडल में 318 पाइप पेयजल परियोजनाएं हैं। इनके अलावा 9 पाइप पेयजल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। बताया कि पूर्व में स्थापित 318 पाइप पेयजल योजनाओं में 292 चालू हालत में हैं। 26 योजनाएं निष्क्रिय (बंद) हैं। योजनाओं के बंद होने का मुख्य कारण मंत्री ने जलस्रोत सूख जाना और पाइप लाइनों का क्षतिग्रस्त होना बताया है।
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