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बौद्ध अवशेष नष्ट करने के विरोध में ज्ञापन, जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा
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बुद्धिस्ट इंटरनेशन नेटवर्क ने अयोध्या में मिले बौद्ध स्तूप व प्राचीन बौद्ध अवशेषों को नष्ट करने के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि अयोध्या के 2.77 हेक्टेयर क्षेत्रफल में भगवान बुद्ध से संबंधित अवशेष मिले थे। जिन्हें पुरातत्व विभाग की मिली भगत से नष्ट कर दिया गया।
ज्ञापन में कहा है कि चौथी सदी में भारत आए तीन हजार बौद्ध अयोध्या के 20 विशाल संघाराम में निवास करते थे। सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया 200 फीट ऊंचा स्तूप मनीपर्वत के नाम से जाना जाता है। यह धम्म का भी केंद्र था। दावा किया कि विवादित स्थल प्राचीन बौद्ध स्थल है।
मांग की कि जेसीबी से अवशेषों को नष्ट करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए अन्यथा तीसरे चरण का आंदोलन पहली जुलाई से शुरू किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में लवलेश प्रजापति, आरपी चौधरी, मीरा सिंह, राजन नादर, ओमप्रकाश, छेद्दू, मलखान, श्याम वर्मा, राजेद्र कुमार, आरपी वर्मा आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा है कि चौथी सदी में भारत आए तीन हजार बौद्ध अयोध्या के 20 विशाल संघाराम में निवास करते थे। सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया 200 फीट ऊंचा स्तूप मनीपर्वत के नाम से जाना जाता है। यह धम्म का भी केंद्र था। दावा किया कि विवादित स्थल प्राचीन बौद्ध स्थल है।
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मांग की कि जेसीबी से अवशेषों को नष्ट करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए अन्यथा तीसरे चरण का आंदोलन पहली जुलाई से शुरू किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में लवलेश प्रजापति, आरपी चौधरी, मीरा सिंह, राजन नादर, ओमप्रकाश, छेद्दू, मलखान, श्याम वर्मा, राजेद्र कुमार, आरपी वर्मा आदि मौजूद रहे।
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