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परदेस से लौट रहे दो युवकों के शव ट्रैक किनारे मिले
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रेल पटरी किनारे मिले दो युवकों के शव का निरीक्षण करती पुलिस।
- फोटो : BANDA
अतर्रा (बांदा)। परदेस से कमाकर लौट रहे दो युवकों के रक्तरंजित शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े मिले। दोनों ही जहरखुरानी गिरोह का शिकार बताए जा रहे हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि नशा खिलाने के बाद सामान और नकदी लूटकर दोनों को ट्रेन से नीचे गिरा दिया गया। उधर, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कमासिन थाना क्षेत्र के ममसी खुर्द गांव का अखिलेश कुमार यादव (26) पुत्र रामकिशोर और चित्रकूट जिले के भभौर गांव का रामकुमार प्रजापति (20) पुत्र रामप्रताप गुजरात के वापी जिले में स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। होली मनाने के लिए दोनों शुक्रवार को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से लौट रहे थे। उनके पास पैसा और घरेलू सामान था।
साथ में अखिलेश का अट्ठारह वर्षीय साला थनैल गांव का सूरज पुत्र नरेश भी था। शनिवार को सुबह अखिलेश और रामकुमार के शव खुरहंड पुलिस चौकी क्षेत्र के गड़रा नाला के पास रेलवे पटरी के नजदीक पड़े मिले। दोनों के जिस्म बुरी तरह जख्मी और लहूलुहान थे।
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अतर्रा और बिसंडा थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अखिलेश की जेब से मथुरा से अतर्रा का टिकट मिला। रामकुमार को कर्वी स्टेशन में उतरना था।
दोनों के साथ रहे सूरज ने बताया कि वह ट्रेन में सो रहा था। जहरखुरानी गिरोह ने उसे भी नशा खिलाकर उसका सारा सामान और कपड़े ले गए। अतर्रा रेलवे स्टेशन के पास उसकी आंख खुली तो वह ट्रेन से उतरकर अखिलेश और रामप्रताप की तलाश में रेलवे ट्रैक के किनारे चल पड़ा। कुछ ही दूरी पर दोनों के शव बरामद हुए।
बदहवास सूरज को परिजनों ने घर भेज दिया। मृतक के भाई अवधेश ने बताया कि अखिलेश की पत्नी चंपा गर्भवती है। कुछ ही दिनों में प्रसव होना है। उसके इलाज और होली आदि खर्च के लिए करीब 25 से 30 हजार रुपये लिए था। कुछ नहीं मिला।
घटनास्थल से मात्र रामकुमार का क्षतिग्रस्त मोबाइल मिला। मृतक रामकुमार अविवाहित था। थाना उप निरीक्षक धनंजय सरोज ने बताया कि मौत की वजह पता करने के लिए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। तभी स्थिति स्पष्ट हेोगी कि यह दुर्घटना है या अपराध।
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कमासिन थाना क्षेत्र के ममसी खुर्द गांव का अखिलेश कुमार यादव (26) पुत्र रामकिशोर और चित्रकूट जिले के भभौर गांव का रामकुमार प्रजापति (20) पुत्र रामप्रताप गुजरात के वापी जिले में स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। होली मनाने के लिए दोनों शुक्रवार को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से लौट रहे थे। उनके पास पैसा और घरेलू सामान था।
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साथ में अखिलेश का अट्ठारह वर्षीय साला थनैल गांव का सूरज पुत्र नरेश भी था। शनिवार को सुबह अखिलेश और रामकुमार के शव खुरहंड पुलिस चौकी क्षेत्र के गड़रा नाला के पास रेलवे पटरी के नजदीक पड़े मिले। दोनों के जिस्म बुरी तरह जख्मी और लहूलुहान थे।
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अतर्रा और बिसंडा थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अखिलेश की जेब से मथुरा से अतर्रा का टिकट मिला। रामकुमार को कर्वी स्टेशन में उतरना था।
दोनों के साथ रहे सूरज ने बताया कि वह ट्रेन में सो रहा था। जहरखुरानी गिरोह ने उसे भी नशा खिलाकर उसका सारा सामान और कपड़े ले गए। अतर्रा रेलवे स्टेशन के पास उसकी आंख खुली तो वह ट्रेन से उतरकर अखिलेश और रामप्रताप की तलाश में रेलवे ट्रैक के किनारे चल पड़ा। कुछ ही दूरी पर दोनों के शव बरामद हुए।
बदहवास सूरज को परिजनों ने घर भेज दिया। मृतक के भाई अवधेश ने बताया कि अखिलेश की पत्नी चंपा गर्भवती है। कुछ ही दिनों में प्रसव होना है। उसके इलाज और होली आदि खर्च के लिए करीब 25 से 30 हजार रुपये लिए था। कुछ नहीं मिला।
घटनास्थल से मात्र रामकुमार का क्षतिग्रस्त मोबाइल मिला। मृतक रामकुमार अविवाहित था। थाना उप निरीक्षक धनंजय सरोज ने बताया कि मौत की वजह पता करने के लिए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। तभी स्थिति स्पष्ट हेोगी कि यह दुर्घटना है या अपराध।