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Banda News: बीएमएम ने गंगोत्री समूह को भी लगाई डेढ़ लाख की चपत
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बांदा। राज्य ग्राम आजीविका मिशन से गठित महिला समूहों के साथ बड़ोखर खुर्द में ही नहीं, बल्कि अन्य ब्लाॅकों में भी घपले किए हैं। कमासिन के चकरेही गांव में गंगोत्री महिला समूह से बीएमएम ने पिछले वर्ष 50-50 हजार रुपये ले लिए और सीएलएफ में नहीं जमा किया। नोटिस आने के बाद महिलाओं ने अधिकारियों से शिकायत की। जांच भी हुई, पर अंजाम तक नहीं पहुंचे और फाइलें दबा दी गईं।
शासन की मंशा है कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह गठित कर महिलाएं रोजगार करें और उड़ान भरें, पर एनआरएलएम जुड़े ब्लाक से लेकर जिले तक के अधिकारी उनके सपनों को ध्वस्त कर रहे हैं। बड़ोखर खुर्द ब्लाक में एक करोड़ रुपये खातों से निकाल लिया गया। वहीं कमासिन ब्लाक में भी जमकर घपला किया। ग्राम संगठन चकरेही (कमासिन) की महिलाएं ठगी का शिकार हुईं। ब्ला
क मिशन मैनेजर ने यहां पिछले वर्ष महिलाओं के खाते से सीएलएफ में जमा करने के लिए डेढ़ लाख रुपये निकलावए, लेकिन आज तक सीएलएफ में जमा ही नहीं किया। एक वर्ष बाद महिलाओं के घर पर नोटिस पहुंची तो वह शिकायत लेकर डीएम के पास पहुंचीं। तत्कालीन डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने जांच के आदेश दिए। जांच तो हुई पर अंजाम तक नहीं पहुंची।
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महिलाओं का आरोप है कि ब्लाक मिशन मैनेजर भरत द्विवेदी व मनोज यादव ने गंगोत्री महिला ग्राम संगठन (चकरेही) से तीन प्रस्ताव पारित किए थे। 50-50 हजार रुपये का भुगतान महिलाओं से करवाया था। बताया कि सीएलएफ से महिलाओं के खाते में 30-30 हजार रुपये आए थे। उसी के बदले यह पैसे निकलवाए। सभी 12 महिलाओं ने डेढ़ लाख रुपये दिए। ठगी का शिकार महिलाएं बीएमएम से मिली, लेकिन उन्हें सिर्फ धमकी मिली। बताया कि बीडीओ, सीडीओ और डीएम को शिकायतपत्र दिया, पर कुछ नहीं हुआ।
-कमासिन के चकरेही में जांच हो रही है। यदि बीएमएम व अन्य दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी। -राकेश सोनकर, जिला मिशन प्रबंधक, एनआरएलएम।
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शासन की मंशा है कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह गठित कर महिलाएं रोजगार करें और उड़ान भरें, पर एनआरएलएम जुड़े ब्लाक से लेकर जिले तक के अधिकारी उनके सपनों को ध्वस्त कर रहे हैं। बड़ोखर खुर्द ब्लाक में एक करोड़ रुपये खातों से निकाल लिया गया। वहीं कमासिन ब्लाक में भी जमकर घपला किया। ग्राम संगठन चकरेही (कमासिन) की महिलाएं ठगी का शिकार हुईं। ब्ला
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क मिशन मैनेजर ने यहां पिछले वर्ष महिलाओं के खाते से सीएलएफ में जमा करने के लिए डेढ़ लाख रुपये निकलावए, लेकिन आज तक सीएलएफ में जमा ही नहीं किया। एक वर्ष बाद महिलाओं के घर पर नोटिस पहुंची तो वह शिकायत लेकर डीएम के पास पहुंचीं। तत्कालीन डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने जांच के आदेश दिए। जांच तो हुई पर अंजाम तक नहीं पहुंची।
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महिलाओं का आरोप है कि ब्लाक मिशन मैनेजर भरत द्विवेदी व मनोज यादव ने गंगोत्री महिला ग्राम संगठन (चकरेही) से तीन प्रस्ताव पारित किए थे। 50-50 हजार रुपये का भुगतान महिलाओं से करवाया था। बताया कि सीएलएफ से महिलाओं के खाते में 30-30 हजार रुपये आए थे। उसी के बदले यह पैसे निकलवाए। सभी 12 महिलाओं ने डेढ़ लाख रुपये दिए। ठगी का शिकार महिलाएं बीएमएम से मिली, लेकिन उन्हें सिर्फ धमकी मिली। बताया कि बीडीओ, सीडीओ और डीएम को शिकायतपत्र दिया, पर कुछ नहीं हुआ।
-कमासिन के चकरेही में जांच हो रही है। यदि बीएमएम व अन्य दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी। -राकेश सोनकर, जिला मिशन प्रबंधक, एनआरएलएम।