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पूर्व मंत्री समेत 17 भाजपाई निष्कासित
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बांदा। पंचायत चुनाव में पार्टी द्वारा घोषित अधिकृत प्रत्याशियों के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे या उनके खिलाफ प्रचार कर रहे 17 भाजपा नेताओं को पार्टी से अगले छह वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया। इनमें एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सहित पार्टी के कई पदाधिकारी शामिल हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देशों का हवाला देकर जारी किए निष्कासन आदेश में कहा कि अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ने या प्रचार करने वाले पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अधिकृत प्रत्याशी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भाजपा का झंडा या चिह्न अथवा अन्य सामग्री उपयोग करेगा तो उसके विरुद्ध सांविधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल अपनी पत्नी कृष्णा सिंह पटेल को जिला पंचायत चुनाव लड़ा रहे हैं। पूर्व में भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। भैरम दीन कोटार्य भी भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध अपनी पत्नी लज्जावती को जिला पंचायत चुनाव लड़ा रहे हैं। बाबूराम अपनी माता सावित्री देवी को भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध जिला पंचायत चुनाव लड़ा रहे हैं।
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इंसेट---
निष्कासित भाजपा नेता---
मीना भारती (पूर्व जिला मंत्री), कृष्णा सिंह पटेल (पूर्व अध्यक्ष, जिला पंचायत), संतोष मिश्रा (पूर्व जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा), हरी ओम त्रिपाठी (मंडल मंत्री, अतर्रा), हरीशंकर दुबे (मंडल उपाध्यक्ष, ओरन), विजय उपाध्याय (कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी), शकुंतला मिश्रा (मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा), उमेश निषाद (मंडल महामंत्री, भाजयुमो), पीसी पटेल (पूर्व मंडल मंत्री), रामहित पटेल, संतोष त्रिपाठी, अवधेश नारायण तिवारी, अंबिका त्रिपाठी, कमल स्वरूप अवस्थी उर्फ बड़कू (सभी कार्यकर्ता)।
इंसेट---
पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार करने में निष्कासित---
शिवशंकर सिंह पटेल (पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार), भैरम दीन कोटार्य (पूर्व जिलाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), बाबूराम निषाद (जिला कार्यकारिणी सदस्य)।
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फोटो परिचय-6- सोशल मीडिया लोगो।
सोशल मीडिया से लगा रहे मनुहार
मतदाताओं तक पहुंचने के लिए मोबाइल नंबरों का सहारा
कोटेदारों और गैस एजेंसी संचालकों से निकलवा रहे नंबर
59 घंटे के कर्फ्यू से गांवों में घर-घर नहीं जा पा रहे प्रत्याशी
संवाद न्यूज एजेंसी
अतर्रा। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रचार प्रसार टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिले में 59 घंटे के कर्फ्यू में प्रत्याशी मतदाताओं के बीच नहीं पहुंच पा रहे। मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए उन्होंने अब सोशल मीडिया का सहारा लिया है।
गांवों में प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों को कोटेदारों और गैस एजेंसियों ने मोबाइल नंबर इकट्ठा करने की कवायद शुरू कर दी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अब कुछ ही दिन शेष हैं। इन दिनों में मतदाताओं के ज्यादा से ज्यादा अपनी पैठ बनाने के लिए प्रत्याशियों ने अब सोशल मीडिया का सहारा लिया है। कई दलों के प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया में प्रचार करने का ठेका लिए कंपनियों से वार्ता कर उन्हें बाकायदा ठेका दिया गया है। इसके लिए अब प्रत्याशी वोटरों के नंबर भी मुहैया करा रहे हैं।
एक प्रत्याशी के समर्थक ने बताया कि एक कंपनी को छह दिन का ठेका दिया गया है, जो दिन रात पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों के मोबाइल नंबर पर पंपलेट सहित चुनाव चिह्न भेजकर याद दिलाता रहेगा। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा मोबाइल नंबर इकट्ठा करने के लिए नई तरकीब अपनाई जा रही है। गैस एजेंसी संचालकों सहित क्षेत्र के विभिन्न कोटेदारों से लोगों के मोबाइल नंबरों को देने की आरजू-मिन्नत की जा रही है।
इंसेट---
एक और प्रधान पद के उम्मीदवार की मौत
नरैनी। प्रधान पद प्रत्याशी की बीमारी से मृत्यु हो गई। ब्लाक क्षेत्र के पल्हरी गांव निवासी जगत यादव (40) प्रधान पद के उम्मीदवार थे। तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को सुबह परिजन उसे जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में दम तोड़ दिया। पिता लक्ष्मी यादव ने बताया कि उसे बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों ने मृत्यु की सूचना बीडीओ मनोज सिंह को दी। इसके पूर्व 21 अप्रैल को रिसौरा गांव निवासी प्रधान पद के उम्मीदवार की जान जा चुकी है। (संवाद)
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भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देशों का हवाला देकर जारी किए निष्कासन आदेश में कहा कि अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ने या प्रचार करने वाले पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अधिकृत प्रत्याशी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भाजपा का झंडा या चिह्न अथवा अन्य सामग्री उपयोग करेगा तो उसके विरुद्ध सांविधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल अपनी पत्नी कृष्णा सिंह पटेल को जिला पंचायत चुनाव लड़ा रहे हैं। पूर्व में भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। भैरम दीन कोटार्य भी भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध अपनी पत्नी लज्जावती को जिला पंचायत चुनाव लड़ा रहे हैं। बाबूराम अपनी माता सावित्री देवी को भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध जिला पंचायत चुनाव लड़ा रहे हैं।
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निष्कासित भाजपा नेता---
मीना भारती (पूर्व जिला मंत्री), कृष्णा सिंह पटेल (पूर्व अध्यक्ष, जिला पंचायत), संतोष मिश्रा (पूर्व जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा), हरी ओम त्रिपाठी (मंडल मंत्री, अतर्रा), हरीशंकर दुबे (मंडल उपाध्यक्ष, ओरन), विजय उपाध्याय (कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी), शकुंतला मिश्रा (मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा), उमेश निषाद (मंडल महामंत्री, भाजयुमो), पीसी पटेल (पूर्व मंडल मंत्री), रामहित पटेल, संतोष त्रिपाठी, अवधेश नारायण तिवारी, अंबिका त्रिपाठी, कमल स्वरूप अवस्थी उर्फ बड़कू (सभी कार्यकर्ता)।
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पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार करने में निष्कासित---
शिवशंकर सिंह पटेल (पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार), भैरम दीन कोटार्य (पूर्व जिलाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), बाबूराम निषाद (जिला कार्यकारिणी सदस्य)।
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फोटो परिचय-6- सोशल मीडिया लोगो।
सोशल मीडिया से लगा रहे मनुहार
मतदाताओं तक पहुंचने के लिए मोबाइल नंबरों का सहारा
कोटेदारों और गैस एजेंसी संचालकों से निकलवा रहे नंबर
59 घंटे के कर्फ्यू से गांवों में घर-घर नहीं जा पा रहे प्रत्याशी
संवाद न्यूज एजेंसी
अतर्रा। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रचार प्रसार टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिले में 59 घंटे के कर्फ्यू में प्रत्याशी मतदाताओं के बीच नहीं पहुंच पा रहे। मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए उन्होंने अब सोशल मीडिया का सहारा लिया है।
गांवों में प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों को कोटेदारों और गैस एजेंसियों ने मोबाइल नंबर इकट्ठा करने की कवायद शुरू कर दी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अब कुछ ही दिन शेष हैं। इन दिनों में मतदाताओं के ज्यादा से ज्यादा अपनी पैठ बनाने के लिए प्रत्याशियों ने अब सोशल मीडिया का सहारा लिया है। कई दलों के प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया में प्रचार करने का ठेका लिए कंपनियों से वार्ता कर उन्हें बाकायदा ठेका दिया गया है। इसके लिए अब प्रत्याशी वोटरों के नंबर भी मुहैया करा रहे हैं।
एक प्रत्याशी के समर्थक ने बताया कि एक कंपनी को छह दिन का ठेका दिया गया है, जो दिन रात पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों के मोबाइल नंबर पर पंपलेट सहित चुनाव चिह्न भेजकर याद दिलाता रहेगा। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा मोबाइल नंबर इकट्ठा करने के लिए नई तरकीब अपनाई जा रही है। गैस एजेंसी संचालकों सहित क्षेत्र के विभिन्न कोटेदारों से लोगों के मोबाइल नंबरों को देने की आरजू-मिन्नत की जा रही है।
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एक और प्रधान पद के उम्मीदवार की मौत
नरैनी। प्रधान पद प्रत्याशी की बीमारी से मृत्यु हो गई। ब्लाक क्षेत्र के पल्हरी गांव निवासी जगत यादव (40) प्रधान पद के उम्मीदवार थे। तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को सुबह परिजन उसे जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में दम तोड़ दिया। पिता लक्ष्मी यादव ने बताया कि उसे बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों ने मृत्यु की सूचना बीडीओ मनोज सिंह को दी। इसके पूर्व 21 अप्रैल को रिसौरा गांव निवासी प्रधान पद के उम्मीदवार की जान जा चुकी है। (संवाद)