फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Bhagirath became farmers , bring water in canal

किसान बने भागीरथ, नहर में लाएंगे पानी

Thu, 22 Oct 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 22 Oct 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
Bhagirath became farmers , bring water in canal

अतर्रा। सूखे पड़े खेतों को सींचने के लिए सिंचाई

विज्ञापन
विभाग से निराश किसानों ने अब खुद ही गंगा बहाने का भागीरथी काम शुरू कर दिया है। एकजुट हुए किसान श्रमदान करके जेसीबी के जरिए नहर की सफाई और खुदाई में जुट गए हैं। ताकि बांध का पानी उनके खेतों तक पहुंच सके।

रसिन बांध से कड़ैली नदी में पानी न आने से क्षेत्र के तमाम गांव सूखे की चपेट में हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि बजट के अभाव में सिल्ट की सफाई नहीं हो पा रही। कड़ैली नदी की डाउन स्ट्रीम पर बसे गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रसिन बांध बनाने में शासन ने करोड़ों रुपये खर्च किए।

बुंदेलखंड पैकेज से भी इस पर भारी बजट खर्च किया गया। इसके बावजूद खेरिया, गजपतपुर, राजाडांड़ी, कोरिन पुरवा, बजरंगपुर, कारीडांड़ी आदि गांवों के खेतों में पानी की बूंद नहीं पहुंच पा रही। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की उदासीनता से सिल्ट सफाई नहीं की जा रही।

कड़ैली और बानगंगा के बीच पाइप नीचे होने से सिल्ट जमा हो जाती है। पानी की कमी और सूखे से किसानों की खरीफ की फसल चौपट हो गई। अब रबी के लिए पलेवा करना मुश्किल है।

किसान जयराम त्रिपाठी (राजा डांड़ी), राजेश यादव (मटिया का पुरवा), लालजी पटेल (कारी डांड़ी), गुड्डा वर्मा (बजरंगपुर), समाजसेवी विनय आदि ने बताया कि अभियंताओं द्वारा बजट का अभाव बताकर हाथ खड़े करने पर किसानों ने खुद श्रमदान और चंदे के पैसे से सिल्ट सफाई शुरू करा दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed