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बैंक ऑफ बड़ौदा की प्रिंट मशीनें खराब
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बैंक ऑफ बड़ौदा की खराब पड़ी पासबुक अपडेट मशीन।
- फोटो : BANDA
बांदा। खाताधारकों/ग्राहकों को मनभावन नारों और योजनाओं से लुभाने वाले बैंक उपभोक्ताओं की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे। इसकी बानगी बैंक ऑफ बड़ौदा भी है। मंडल मुख्यालय बांदा शहर में बैंक की तीन ब्रांचों में लगी पासबुक प्रिंटिंग मशीन सिर्फ शोपीस बनी हैं। ये कई महीनों से खराब है। खाताधारक द्वारा अपने खाते का ब्योरा प्रिंट लेने पर 80 रुपये शुल्क की मांग की जाती है।
बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों की पासबुक पर लेन-देन की इंट्री/अपडेट सुविधा के लिए लाखों रुपये की प्रिंटर मशीन उपलब्ध करा रखी है। इससे बैंक कर्मियों का मैन्युअल काम भी कम हुआ है, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा में ये मशीनें फ्लाप साबित हो रही हैं।
अधिकांश: खराब रहती हैं। खाताधारकों की पासबुकें अपडेट नहीं हो पा रहीं। बैंक कर्मी मैन्युअल इंट्री करने से कन्नी काट जाते हैं। बैंक की मुख्य शाखा महेश्वरी देवी रोड और सिविल लाइन व कालूकुआं शाखाओं में मशीनें खराब पड़ी हैं।
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मुख्य ब्रांच के प्रबंधक अरविंद वर्मा का कहना है कि उच्चाधिकारियों को मशीनों के बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इन्हें बनाने को इंजीनियर नहीं भेजा गया। उधर, मशीनें खराब होने पर हजारों खाताधारक पासबुक में इंट्री के लिए रोज भटक रहे हैं। सिर्फ मुख्य ब्रांच में ही लगभग 19 हजार खाताधारक/ग्राहक हैं। यहां की मशीन लगभग दो महीने से खराब है। खाताधारक द्वारा अपने खाते की अपडेट प्रिंट मांगने पर बैंक प्रबंधक ने 80 रुपये शुल्क बताया है।
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बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों की पासबुक पर लेन-देन की इंट्री/अपडेट सुविधा के लिए लाखों रुपये की प्रिंटर मशीन उपलब्ध करा रखी है। इससे बैंक कर्मियों का मैन्युअल काम भी कम हुआ है, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा में ये मशीनें फ्लाप साबित हो रही हैं।
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अधिकांश: खराब रहती हैं। खाताधारकों की पासबुकें अपडेट नहीं हो पा रहीं। बैंक कर्मी मैन्युअल इंट्री करने से कन्नी काट जाते हैं। बैंक की मुख्य शाखा महेश्वरी देवी रोड और सिविल लाइन व कालूकुआं शाखाओं में मशीनें खराब पड़ी हैं।
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मुख्य ब्रांच के प्रबंधक अरविंद वर्मा का कहना है कि उच्चाधिकारियों को मशीनों के बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इन्हें बनाने को इंजीनियर नहीं भेजा गया। उधर, मशीनें खराब होने पर हजारों खाताधारक पासबुक में इंट्री के लिए रोज भटक रहे हैं। सिर्फ मुख्य ब्रांच में ही लगभग 19 हजार खाताधारक/ग्राहक हैं। यहां की मशीन लगभग दो महीने से खराब है। खाताधारक द्वारा अपने खाते की अपडेट प्रिंट मांगने पर बैंक प्रबंधक ने 80 रुपये शुल्क बताया है।