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बांदा : एक्सरे प्लेट खत्म, मोबाइल से खींचो फोटो, कराओ इलाज, रोजाना करीब 60 प्लेट होतीं हैं खर्च, मरीज के साथ डॉक्टर भी परेशान

Tue, 19 Jul 2022 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 11:57 PM IST
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Banda: X-ray plate finished, take photo from mobile, get treatment, about 60 plates are spent daily, doctor is upset with patient
बांदा। जिला अस्पताल में एक्सरे प्लेट खत्म होने से मरीजों को मोबाइल पर फोटो खींचकर काम चलाना पड़ रहा है। यह हाल दो दिन से है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 60 प्लेट का खर्च है। मंगलवार को मरीजों की लाइन लगी रही। यहां एक भी मरीज को प्लेट नहीं दी गई।
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जिला अस्पताल परिसर में किसी भी तरह का एक्सरे कराने के लिए डिजिटल एक्सरे मशीन लगी है। सोमवार से यहां एक्सरे प्लेट नहीं हैं। सभी को टेक्नीशियन रविकरन मोबाइल में फोटो खींचकर एक्सरे उपलब्ध कराते रहे। एक्सरे प्लेट न होने से मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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15 दिन खराब थी मशीन, अब जांच शुरू
बांदा। जिला अस्पताल में एक पखवारे से बायोकेमेस्ट्री पैथोलॉजी की सिलेक्ट्रा मशीन खराब होने से हार्ट, किडनी, लीवर, कैल्शियम की जांच आदि नहीं हो पा रही थी। प्रयागराज से आए टेक्नीशियन ने सिलेक्ट्रा मशीन की रिपेयरिंग की। मंगलवार से जांच शुरू हो गईं हैं। पैथोलॉजी एचओडी रामलखन चौरसिया ने बताया कि यहां रोजाना 250 जांचें की जाती हैं। मशीन सिर्फ एक है। अधिकारियों को अवगत कराया है। एक और मशीन की मांग की है। वर्ष 2017 में मशीन लगी थी।
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जिला अस्पताल सीएमएस से सवाल-जवाब-
फोटो 15- डॉ. एसएन मिश्रा।
- जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे प्लेट खत्म हैं। आपने क्या किया?
जानकारी मिली है। एक्सरे प्लेट लखनऊ से आतीं हैं। वहां अवगत कराया है। बुधवार तक प्लेट आ जाएंगी। तब तक मरीजों को मोबाइल के माध्यम से एक्सरे उपलब्ध कराया जा रहा है।
- बायोकेमेस्ट्री पैथालॉजी की सिलेक्ट्रा मशीन खराब हो जाने से 15 दिन जांच नहीं हो पाई। आपने अपने स्तर से क्या प्रयास किए?
सिलेक्ट्रा मशीन अनुबंधित संस्था पीओ सिटी ने वर्ष 2017 में लगाई थी। रोजाना 250 जांचें होतीं हैं। मरीजों की संख्या अधिक है। प्रयागराज से टेक्नीशियन बुलाकर मशीन सही कराई गई है। जांच हो रही हैं।

- पैथोलॉजी जांच के लिए क्या एक ही मशीन पर्याप्त है?
मंडल मुख्यालय का अस्पताल होने से यहां मरीजों की संख्या अधिक है। एक और नई मशीन के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था होगी। - डॉ. एसएन मिश्र, सीएमएस, जिला अस्पताल, बांदा।
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