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बांदा- कम उम्र में विधवा हुईं बेटियां कर सकेंगी शादी
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बांदा। बुंदेलखंड में शनिवार की सुबह नए बदलाव की किरण लेकर आएगी। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विधवा बेटियों की दोबारा शादी कराने की मुहिम छेड़ी है। कम उम्र में विधवा हुईं बेटियों की शादी कराना प्राथमिकता होगी। 11 दिसंबर को मुरेड़ी गांव की वंदना के विवाह के साथ इसकी शुरुआत होगी।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बांदा यूनिट की जिला स्तरीय बैठक में अन्य चर्चाओं के अलावा मुख्य मुद्दा कम उम्र में विधवा बेटियों के भविष्य और जीवन का रहा। कहा गया कि ऐसी बेटियां तिरस्कृत और घुटन में जीवन बिताती हैं। अक्सर आत्मघाती कदम उठा लेती हैं। महासभा महामंत्री सूर्यपाल सिंह चौहान ने कहा कि ऐसी कुरीतियों को रोकना जरूरी है। ये इतनी हावी हैं कि दूसरे घर से आई बेटी को ससुराल में प्राय: अपमान और तिरस्कार झेलना पड़ता है। यह असभ्यता का प्रतीक है।
पदाधिकारियों की आपसी चर्चा और मंथन के बाद बैठक में सर्वसम्मति से कम उम्र में विधवा बेटियों के पुनर्विवाह को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। महासभा अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह व सचिव हरिशरण सिंह ने कहा कि जहां नारी का सम्मान है, वहीं संस्कृति का उत्थान है। महासभा ने निर्णय लिया कि पुनर्विवाह की शुरुआत 11 दिसंबर को की जाएगी। क्षत्रिय समाज की बेटी का पुनर्विवाह भव्य आयोजन के साथ मैरिज हॉल में होगा। उसे अपना जीवनसाथी बनाने वाला वर जौरही गांव का है।
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बांदा यूनिट की जिला स्तरीय बैठक में अन्य चर्चाओं के अलावा मुख्य मुद्दा कम उम्र में विधवा बेटियों के भविष्य और जीवन का रहा। कहा गया कि ऐसी बेटियां तिरस्कृत और घुटन में जीवन बिताती हैं। अक्सर आत्मघाती कदम उठा लेती हैं। महासभा महामंत्री सूर्यपाल सिंह चौहान ने कहा कि ऐसी कुरीतियों को रोकना जरूरी है। ये इतनी हावी हैं कि दूसरे घर से आई बेटी को ससुराल में प्राय: अपमान और तिरस्कार झेलना पड़ता है। यह असभ्यता का प्रतीक है।
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पदाधिकारियों की आपसी चर्चा और मंथन के बाद बैठक में सर्वसम्मति से कम उम्र में विधवा बेटियों के पुनर्विवाह को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। महासभा अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह व सचिव हरिशरण सिंह ने कहा कि जहां नारी का सम्मान है, वहीं संस्कृति का उत्थान है। महासभा ने निर्णय लिया कि पुनर्विवाह की शुरुआत 11 दिसंबर को की जाएगी। क्षत्रिय समाज की बेटी का पुनर्विवाह भव्य आयोजन के साथ मैरिज हॉल में होगा। उसे अपना जीवनसाथी बनाने वाला वर जौरही गांव का है।
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