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बांदा : केन नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट, बरियारपुर बांध से गिर रही 46,273 क्यूसेक जलधारा
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बरियारपुर बांध की क्रस्टवाल के ऊपर से केन नदी में गिर रही जलधारा।
- फोटो : BANDA
बांदा/करतल। मध्य प्रदेश की घाटियों में हो रही बारिश से बांध उफनाने के साथ केन नदी का जल स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। खतरे के निशान 104 मीटर से करीब छह मीटर नीचे नदी बह रही है। पैलानी क्षेत्र के लगभग डेढ़ दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव होने लगा है। कुछ गांवों के संपर्क मार्गों में पानी भर गया है।
एमपी के पन्ना की घाटियों और बांधों के जल संग्रह क्षेत्र (इनकैचमेंट एरिया) में दो दिन से बारिश हो रही है। बरियारपुर बांध की क्रस्टवाल से उफनाकर 46,273 क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी की मोटी धारा केन नदी में गिर रही है। इससे बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग ने केन और यमुना नदी में निगरानी बढ़ा दी। आयोग के मुताबिक रविवार को केन नदी का जल स्तर करीब 98 मीटर पहुंच गया। लगभग 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। यहां खतरे का निशान 104 मीटर है। इसी तरह यमुना नदी का जलस्तर 96.07 मीटर है। यहां खतरे का निशान 100 मीटर है। हालांकि इसके स्थिर रहने के आसार हैं।
उधर, केन नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि से प्रशासन ने निचले गांवों के बाशिंदों को बाढ़ की संभावना से अलर्ट किया है। यमुना और चंद्रावल नदियां भी उफान पर हैं। डीएम अनुराग पटेल ने बाढ़ चौकियों में कर्मियों को तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पैलानी क्षेत्र के कई गांवों के अंदर पानी घुसने लगा है।
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पैलानी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से आंशिक रूप से प्रभावित गांव
पैलानी व जसपुरा सहित अमचौली, शंकर पुरवा, गड़रिया, पडरी, लसड़ा, पिपरोदर, पचगौरी, चिल्ला, तारा, खजुरी, डिघवट, सादीमदनपुर, सिंधनकलां, मरझा, पड़ेरी, अमारा, पड़ोहरा, नांदादेव, पैलानी डेरा, गड़ोला, दोहतरा आदि शामिल हैं।
नहर में छोड़ा गया 2500 क्यूसेक पानी
करतल। बरियारपुर बांध में तैनात सिंचाई विभाग अवर अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बांध का जलस्तर 612 फीट है। इसके क्रस्टवाल से पांच फीट पानी उफना कर केन नदी में गिर रहा है। मुख्य नहर भी संचालित की जा रही है। लगभग 2500 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है। (संवाद)
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एमपी के पन्ना की घाटियों और बांधों के जल संग्रह क्षेत्र (इनकैचमेंट एरिया) में दो दिन से बारिश हो रही है। बरियारपुर बांध की क्रस्टवाल से उफनाकर 46,273 क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी की मोटी धारा केन नदी में गिर रही है। इससे बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग ने केन और यमुना नदी में निगरानी बढ़ा दी। आयोग के मुताबिक रविवार को केन नदी का जल स्तर करीब 98 मीटर पहुंच गया। लगभग 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। यहां खतरे का निशान 104 मीटर है। इसी तरह यमुना नदी का जलस्तर 96.07 मीटर है। यहां खतरे का निशान 100 मीटर है। हालांकि इसके स्थिर रहने के आसार हैं।
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उधर, केन नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि से प्रशासन ने निचले गांवों के बाशिंदों को बाढ़ की संभावना से अलर्ट किया है। यमुना और चंद्रावल नदियां भी उफान पर हैं। डीएम अनुराग पटेल ने बाढ़ चौकियों में कर्मियों को तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पैलानी क्षेत्र के कई गांवों के अंदर पानी घुसने लगा है।
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पैलानी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से आंशिक रूप से प्रभावित गांव
पैलानी व जसपुरा सहित अमचौली, शंकर पुरवा, गड़रिया, पडरी, लसड़ा, पिपरोदर, पचगौरी, चिल्ला, तारा, खजुरी, डिघवट, सादीमदनपुर, सिंधनकलां, मरझा, पड़ेरी, अमारा, पड़ोहरा, नांदादेव, पैलानी डेरा, गड़ोला, दोहतरा आदि शामिल हैं।
नहर में छोड़ा गया 2500 क्यूसेक पानी
करतल। बरियारपुर बांध में तैनात सिंचाई विभाग अवर अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बांध का जलस्तर 612 फीट है। इसके क्रस्टवाल से पांच फीट पानी उफना कर केन नदी में गिर रहा है। मुख्य नहर भी संचालित की जा रही है। लगभग 2500 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है। (संवाद)