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बांदा : मौत की खबर आते ही गांव में मचा कोहराम
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Banda: There was uproar in the village as soon as the news of death came
- फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूट में लोडर से कुचलकर बरातियों की मौत की खबर आते ही जारी गांव में कोहराम मच गया। माता-पिता, भाई-बहन और पत्नियों की चीखें गलियों में गूंज उठीं। पूरा गांव सिमटकर पीड़ित परिवारों के घरों में आ गया। गांव की अन्य गलियों में सन्नाटा पसर गया।
शहर मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव से शुक्रवार की शाम रामचरन के बेटे कालका प्रसाद की बरात चित्रकूट के रौली कल्याणपुर गांव गई थी। हादसे में इस गांव के चार लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन बैंड वाले रामरूप, भानू, रोहित और दूल्हे का साढ़ू नरेश शामिल हैं। इसके अलावा बरात गए दूल्हे के एक रिश्तेदार अरविंद उर्फ राजेंद्र की भी मौत हुई है। ये बड़ोखर बुजुर्ग के रहने वाले थे।
मौतों की खबर आई तो दोनों गांव में रोना-बिलखना शुरू हो गया। अन्य परिजनों, नाते-रिश्तेदारों और पड़ोसियों के हवाले घर करके अधिकतर परिजन घटनास्थल चित्रकूट रवाना हो गए। भानू की मां सोनाबाई, रामरूप की सास सुनिया और रोहित के चाचा गोपाली ने बताया कि प्रति सदस्य को एक हजार रुपये दिहाड़ी पर बैंड बजाने के लिए ले गए थे। भाई पप्पू ने बताया कि नरेश की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। परदेस में मजदूरी करके घर-परिवार का गुजर-बसर कर रहा था।
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शहर मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोतवाली देहात क्षेत्र के जारी गांव से शुक्रवार की शाम रामचरन के बेटे कालका प्रसाद की बरात चित्रकूट के रौली कल्याणपुर गांव गई थी। हादसे में इस गांव के चार लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन बैंड वाले रामरूप, भानू, रोहित और दूल्हे का साढ़ू नरेश शामिल हैं। इसके अलावा बरात गए दूल्हे के एक रिश्तेदार अरविंद उर्फ राजेंद्र की भी मौत हुई है। ये बड़ोखर बुजुर्ग के रहने वाले थे।
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मौतों की खबर आई तो दोनों गांव में रोना-बिलखना शुरू हो गया। अन्य परिजनों, नाते-रिश्तेदारों और पड़ोसियों के हवाले घर करके अधिकतर परिजन घटनास्थल चित्रकूट रवाना हो गए। भानू की मां सोनाबाई, रामरूप की सास सुनिया और रोहित के चाचा गोपाली ने बताया कि प्रति सदस्य को एक हजार रुपये दिहाड़ी पर बैंड बजाने के लिए ले गए थे। भाई पप्पू ने बताया कि नरेश की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। परदेस में मजदूरी करके घर-परिवार का गुजर-बसर कर रहा था।
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