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बांदा : अमृत वर्षा से खिल उठे किसानों के चेहरे
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15बीएनडीपी08- रिमझिम बारिश के बीच सड़कों पर निकलते वाहन।
- फोटो : BANDA
बांदा। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे है। किसानों ने इसे फसलों के लिए अमृत वर्षा बताया। उधर, मौसम परिवर्तन के साथ लोग सुबह शाम हल्की ठंड महसूस कर रहे हैँ। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह रहने की संभावना जताई है। तीन दिनों में 90 मीली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
एक माह तक मौसम के शुष्क रहने व तापमान में इजाफा होने से खरीफ की फसले मुरझा रही थीं। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों के मायूस चेहरे खिल उठे हैं। कनवारा के रमजान, रामबहोरी ने बताया कि बारिश फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई है। खेतों में सूख रही धान, तिल, मूंग, उर्द को नई जान मिल गई है।
बिलगांव के सुरेश का कहना है कि फसले पानी मांग रही थी, लेकिन बारिश से किसानों को सिंचाई में खासा फायदा हुआ है। जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि तीन दिन से हो रही हल्की बारिश फसलों के लिए अमृत साबित होगी।
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पानी से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। कृषि विश्व विद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि मौसम का मिजाज अगले दो दिनों तक इसी तरह रहेगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तीन दिनों में जनपद में 90 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
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एक माह तक मौसम के शुष्क रहने व तापमान में इजाफा होने से खरीफ की फसले मुरझा रही थीं। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों के मायूस चेहरे खिल उठे हैं। कनवारा के रमजान, रामबहोरी ने बताया कि बारिश फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई है। खेतों में सूख रही धान, तिल, मूंग, उर्द को नई जान मिल गई है।
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बिलगांव के सुरेश का कहना है कि फसले पानी मांग रही थी, लेकिन बारिश से किसानों को सिंचाई में खासा फायदा हुआ है। जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि तीन दिन से हो रही हल्की बारिश फसलों के लिए अमृत साबित होगी।
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पानी से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। कृषि विश्व विद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि मौसम का मिजाज अगले दो दिनों तक इसी तरह रहेगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तीन दिनों में जनपद में 90 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है।